मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिक्षकों की लापरवाही और गिरते शिक्षा के स्तर पर तलख लहजे में कहा कि आज सरकारी स्कूलों का पांचवीं का बच्चा दूसरी कक्षा की किताब नहीं पढ़ पाता है। बंजार में एक जनसभा में शिक्षकों को मंच से ही लताड़ लगाते हुए सीएम ने कहा कि इस पर शर्म आनी चाहिए।
शिक्षा को लेकर किसी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पता चल जाता है कि बच्चा कमजोर है। ग्रेडिंग सिस्टम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं बहाल की जाएंगी। इससे छात्रों का सही आकलन किया जा सकेगा।
सीएम ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में गैरहाजिर रहने वाले अध्यापकों पर नजर रखने के लिए निरीक्षण निदेशालय का गठन किया जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की निर्धारित संख्या पूरी होने पर ही अब स्कूल खोले जाएंगे। इस मौके पर आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुंदर सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे।
महेश्वर खुद महल में रहते हैं और रघुनाथ गैराज में
बंजार जनसभा में मुख्यमंत्री ने विधायक एवं भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महेश्वर खुद महल में रहते हैं और रघुनाथ गैराज में। रघुनाथ भगवान निजी नहीं हैं। कुल्लू में रघुनाथ का भव्य मंदिर बनाया जाएगा।
परंपराएं यथावत रहेंगी, लेकिन समय के साथ चलना पड़ता है। मंदिर की आय-व्यय का हिसाब रखा जाएगा। जो देवता का धन खाता है वह गल जाता है। मैं शुभचिंतक हूं। रघुनाथ मंदिर को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। जोकि गलत हैं।
मंच से ही दे दिए डीसी कुल्लू के तबादला आदेश
सीएम वीरभद्र सिंह जनसभा के दौरान ही डीसी कुल्लू पर जमकर बरसे। उन्होंने डीसी कुल्लू को कमजोर अधिकारी तक कह दिया और उनके तबादले के आदेश दे दिए। सीएम ने कहा कि जो सरकार के आदेशों का पालन नहीं करता वह अधिकारी पद पर रहने के लायक नहीं है। हालांकि, इस मामले को कुल्लू के रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण से जोड़ा जा रहा है।