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सीएम वीरभद्र ने विस चुनाव लड़ने को लेकर दिया बड़ा बयान

Mon, 04 Sep 2017 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटलांदर (हमीरपुर)
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर पार्टी को मेरी जरूरत होगी तो ही आगे आऊंगा। अगर हाईकमान प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन करना चाहेगा तो मैं खुद पीछे हट जाऊंगा और किसी पद के लिए दावा नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी भी पद से बढ़कर मेरे लिए जनसेवा है।
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सुजानपुर के पटलांदर में जनसभा के बाद पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे भी और लड़वाएंगे भी। अब चुनाव को कम ही समय बचा है। पार्टी कार्यकर्ता मतभेद खत्म कर अपने-अपने क्षेत्र में डट जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान को भूल गई है।

अब पार्टी में सभी मनोनयन से आ रहे हैं। इससे पार्टी कमजोर हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस संगठन में रातोंरात पीसीसी सदस्य, जिला और ब्लाक अध्यक्ष मनोनीत कर दिए गए। मनोनीत पदाधिकारियों को तो गली मोहल्लों के लोग और पड़ोसी तक नहीं जानते हैं।
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मनोनीत पदाधिकारियों को लेकर कही ये बात

इनसे पार्टी का भला नहीं होने वाला। वीरभद्र ने कहा कि अगर पार्टी को मजबूत करना है तो एआईसीसी और पीसीसी से लेकर जिला और ब्लाकों में ऊपर से थोपने के बजाय पार्टी संविधान के अनुसार चुनकर लोग आने चाहिए। पार्टी हाईकमान भी संविधान के अनुसार चुनकर आए तो ठीक रहेगा।

उन्होंने कहा कि 55 वर्ष के राजनीतिक अनुभव में वह चार बार चुनकर आए, जबकि बीते चुनावों में केंद्र में मंत्री रहने के चलते पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी दी।

सीएम ने मंच से पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कुलदीप बेदी का नाम लेकर कहा कि उन्होंने पिछले विस चुनावों में पार्टी विरोधी कार्य किया था। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेताया कि पार्टी विरोधी कार्य करने वालों को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। 

गुड़िया प्रकरण में झूठा आरोप लगाया तो करूंगा मानहानि केस: वीरभद्र

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर गुड़िया प्रकरण में उन पर कोई झूठा आरोप लगाया तो वह मानहानि का मुकदमा करेंगे। सुजानपुर उपमंडल के पटलांदर में जनसभा में मुख्यमंत्री ने भाजपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का नाम लेते हुए शिमला में बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार बताया। 

वीरभद्र ने कहा कि बरागटा ने दुराचार और हत्या मामले में भड़काऊ भाषण दिया जिसके बाद उग्र भीड़ ने थाना फूंक दिया। सीएम ने आरोपों को सिद्ध करने की चुनौती देते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा और सीपीएम ने गुड़िया प्रकरण को राजनीतिक रंग दे दिया है।

सरकार ने तो आल पार्टी बैठक बुलाई थी लेकिन इस बैठक में कुछ लोग आए पर भाजपा नेता नहीं आए। शायद उन्हें शर्म आ रही थी कि वे वीरभद्र सिंह को क्या मुंह दिखाएंगे और किस मुंह से शांति की बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह जघन्य घटना हुई तो सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ा, जिन पर वर्तमान में मुकदमा चल रहा है। 

संगीन मामला समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच करवाने की मांग की। गृहमंत्री को फोन किया कि सीबीआई को शिमला भेजा जाए। थाने में एक आरोपी की मौत हुई, उसकी भी सीबीआई जांच को कहा। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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मेरे जितने पुतले फूंके, उससे शांत हो गए सारे ग्रह

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब पांच साल में विपक्ष में रहकर भाजपा नेताओं ने केवल उनके पुतले ही फूंके हैं। उनके परिवार के एक पंडित ने कहा कि इससे उनके सारे ग्रह शांत हो गए हैं।

लेकिन भाजपाइयों के दिलों में हर वक्त मेरा ही डर रहता है। विपक्ष मुझे गालियां देता रहा, लेकिन मैंने स्वीकार नहीं की, जिससे अब यह सारी गालियां वापस उन्हीं के पास चली गई हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी का बुरा नहीं चाहते, ईश्वर पुतले फूंकने वालों को ऊंचाई तक पहुंचाएं।

एम्स के लिए केंद्र सरकार के नाम हो चुकी है जमीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर में खुलने वाले एम्स के लिए प्रदेश सरकार ने भूमि का चयन करने के बाद इंतकाल भारत सरकार के नाम कर दिया है। लेकिन केंद्र में बैठे स्वास्थ्य मंत्री अपने जिले में इसे खुलवाने में असमर्थ साबित हुए हैं।

प्रदेश के मंत्री और सांसद भी कुछ नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि नाहन में मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुका है। हमीरपुर के लिए स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के लिए बजट मंजूर है, लेकिन चिह्नित भूमि के लिए वन विभाग से क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है।
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