मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने फिर दोहराया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए वह जल्द ही नीति लेकर आ रहे हैं। कहा कि वित्तीय दबावों के बावजूद प्रदेश और प्रदेश के कर्मचारियों के हित में जो भी होगा वह करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को आइस स्केटिंग रिंक में हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ की ओर से आयोजित महासम्मेलन में कही। इससे पहले हिमाचल प्रदेश सर्व अनुबंध कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अनुबंध अवधि कम करने के लिए सम्मानित कर धन्यवाद किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण को सरकार प्राथमिकता दे रही है जिसमें सरकार की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। कहा कि वित्तीय मजबूरियां होने की वजह से कुछ अड़चन आ रही है लेकिन कर्मचारी हित के हर कार्य को सरकार प्राथमिकता देकर करेगी।
आउटसोर्स कर्मियों को सीएम ने दिया ये आश्वासन
आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ और लोग लाभान्वित होने से वंचित हैं और राज्य सरकार शीघ्र ही इन कर्मचारियों के लिए एक नीति तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी राज्य सरकार की नीतियों तथा कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर कार्यान्वित करने तथा इनका समुचित लाभ निर्धन व वंचित वर्गों को सुनिश्चित बनाने की जिम्मेदारी हैं।
ऐसे में उन्हें नियमित अंतराल पर यथोचित लाभ प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछेक द्वारा इस नीति को लाने के फैसले की आलोचना की लेकिन उनके अलावा सभी कांग्रेस विधायक सरकार के फैसले से सहमत हैं। कहा कि इस निर्णय की निंदा करने वाले भी जानते हैं कि यह निर्णय बेहद सराहनीय व साहसिक है।
उन्होंने इन लोगों से भी आउटसोर्स व अनुबंध कर्मचारियों के हित में लिए गए निर्णय के पक्ष में अपना समर्थन देने का आग्रह किया। वहीं, कार्यक्रम के दौरान सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्तमान कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों को लगभग 2455 करोड़ रुपये तथा पेंशनरों को 910 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं।
कर्मचारियों ने विक्रमादित्य को दिया इस बड़े फैसले का श्रेय
सीएम ने कहा कि अनुबंध कर्मियों की ग्रेड पे में 75 प्रतिशत वृद्धि की गई है। राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने अनुबंध कर्मचारी संघ को बधाई देते हुए कहा कि अनुबंध अवधि को कम करने को लेकर मुख्यमंत्री के वाट्सएप नंबर सहित फेसबुक व सोशल मीडिया पर अनेक संदेश आ रहे थे। जिसके बाद लोगों की डिमांड को देखते हुए ही युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस ओर कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में युवाओं तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने वाली कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इससे पहले अनुबंध कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सूरज चौहान ने भी इस मामले को सरकार से प्रभावी ढंग से उठाने का श्रेय राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को दिया।
कार्यक्रम में कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष महेन्द्र स्तान, राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा सहित बड़ी संख्या में अनुबंध कर्मचारी मौजूद रहे।