मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि देश में कहीं भी बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जा रहा है। मुझसे पूछे बिना कांग्रेस घोषणापत्र में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात शामिल की गई थी। मैं शुरू से ही इसके पक्ष में नहीं था।
सीएम बोले कि जिन लोगों के पास सरकार चलाने का अनुभव नहीं था, उन्हीं ने इसे मेनिफेस्टो में शामिल करवाया। हिमाचल सरकार ने बड़ी संख्या में बेरोजगारों को रोजगार दिया है। सरकार ने कौशल विकास प्रशिक्षण पर फोकस किया है।
इसके लिए अलग से निगम स्थापित किया गया है। एडीबी की मदद से इस पर 600 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। सीएम वीरभद्र सिंह सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार बजट सत्र की तैयारी कर रही है।
इस बार बजट में आम लोगों के लिए कई नई योजनाएं होंगी। एक सवाल पर सीएम बोले कि हिमाचल सरकार आम लोगों को बोनांजा नहीं, बल्कि राहत देती आई है। बजट में जो घोषणाएं होंगी, वे लोगों के हित में ही होंगी। कांग्रेस के घोषणापत्र में जो कुछ रह गया है, उसे देखा जाएगा और लागू करेंगे।
अनुराग पर फैसला सबजुडिस, कोई कमेंट नहीं करूंगा
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अनुराग ठाकुर के खिलाफ आया फैसला बीसीसीआई और सुप्रीम कोर्ट के बीच का मामला है। यह मामला सबजुडिस है और इस बारे में कोई कमेंट नहीं करूंगा।
जहां तक लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों की बात है तो ये स्वागत योग्य हैं। इसी तर्ज पर हिमाचल सरकार खेल कानून बनाकर लागू करना चाह रही थी। क्रिकेट संघ का प्रमुख कोई खिलाड़ी होना चाहिए।
मंच मामले में बाली बना रहे सनसनी
धर्मशाला रैली में बाली की ओर से मंच पर नहीं आने देने की बात पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ था। बाली मामले को सनसनीखेज बना रहे हैं। उन्होंने ही तो सभी मंत्रियों, विधायकों और तमाम गणमान्य नेताओं को मंच पर आने देने को कहा था।
अंतिम सूची एसपीजी को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दी थी। ये कहना सही नहीं है कि बाली को मंच पर रोका गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार और संगठन में ताल भी अच्छा रहा और मेल भी।
बेरोजगारी भत्ते पर बोले सुक्खू, हर घोषणा पूरी करेंगे
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि कांग्रेस मेनिफेस्टो की हर घोषणा को पूरा किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस घोषणा पत्र में तो युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा भी रही है तो इसके जवाब में सुक्खू ने कहा कि जो भी घोषणा इसमें शामिल रही है, उसे इस साल पूरा किया जाएगा। घोषणा पत्र की 80 फीसदी मांगें पूरी हो चुकी हैं।
सुक्खू सोमवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सुक्खू ने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले पर कहा कि मोदी सरकार को यह बताना चाहिए कि इस फैसले के बाद कितना काला धन जमा किया गया और किन लोगों के पास से आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला लेने के बाद कहा था कि इससे काले धन की समस्या खत्म हो जाएगी।
आज 50 दिन बीतने के बाद भी स्थिति कुछ और है। शुरुआत में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया था। आगे कहा कि भारत के सभी राजनीतिक दलों ने सरकार को मौका दिया, मगर स्थिति कुछ और है। प्रदेश में तीन जगहों पर बीजेपी के नेताओं ने अपने कार्यालयों खरीदने के लिए भूमि से जुड़े समझौते किए। शिमला में भाजपा का चार मंजिला कार्यालय है और आरएसएस का भी चार मंजिला भवन है।
इसके बावजूद टूटीकंडी में दो बीघा जमीन का सौदा किया गया। ये सौदा करीब 10 करोड़ में किया गया। इस बारे में भी भाजपा को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह समन्वयक निर्मल सिंह, कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान, कांग्रेस महासचिव हरभजन सिंह भज्जी और अन्य नेता भी मौजूद रहे।
श्वेत पत्र जारी करे मोदी सरकार : निर्मल सिंह
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह समन्वयक निर्मल सिंह ने कहा कि वे मोदी सरकार से मांग करते हैं कि इस कार्य में श्वेत पत्र जारी करें। नोटबंदी से आम जनता को जिस तरह की परेशानी हो रही है, उसके विरोध में कांग्रेस देश भर मेें जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। जिलाधीशों के माध्यम ज्ञापन दिए जाएंगे।