मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अभिभावकों को लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। एक शिक्षित महिला पूरे समाज को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि लड़का और लड़की दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। उन्हें एक समान शिक्षित करना चाहिए। शिक्षा किसी भी विकसित समाज की आधार है।
राज्य सरकार ने गुणात्मक शिक्षा को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री सोमवार को भटियात विधानसभा क्षेत्र के बगढार में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने मौजूदा कार्यकाल में राज्य के विभिन्न भागों में 42 नए महाविद्यालय खोले। महाविद्यालयों की संख्या बढ़कर 121 तक पहुंच गई है।
इनमें गत दिवस सलूणी तहसील तथा पूर्व में कांगड़ा के मटौर में घोषित दो कॉलेज भी शामिल हैं। कहा कि सभी नए महाविद्यालय राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में खोले गए हैं, ताकि लड़कियों को उनके घर-द्वार के समीप उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अधिक से अधिक अवसर मिलें। वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमारी सरकार का स्वप्न तभी साकार होगा, जब राज्य का प्रत्येक परिवार आर्थिक और सामाजिक तौर पर संपन्न होगा।
कहा कि गरीबों का कल्याण और उनकी खुशी को किसी भी कीमत पर सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। हिमाचल, विशेषकर गांवों में सड़क नेटवर्क के कारण आर्थिक क्रांति आई है। सड़कें विकास की आधार हैं और सरकार लोगों का विकास सुनिश्चित बनाने के लिए सड़कों के महत्व को भलीभांति समझती है।
विभाजन देश के लिए घातक: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में विभाजन देश के लिए घातक है। भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है। हर नागरिक को अपने धर्म के प्रयोग का अधिकार है। कहा कि ऐसा देखा गया है कि कुछ कट्टरपंथी विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करते हैं। सद्भाव और एकता को भंग करने की कोशिश करते हैं। हमें समझना चाहिए कि ऐसे लोगों को उनकी राजनीतिक आकांक्षाओं के लिए देश को तोड़ने का मौका नहीं दिया जाए।