हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ चल रहे मनी लांड्रिंग मामले में दस्तावेजों की स्क्रूटनी 12 जनवरी को होगी। मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने दस्तावेजों की स्क्रूटनी के लिए 12 जनवरी की तारीख तय की है।
ईडी ने इसी मामले में मुख्यमंत्री के करीबी एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में चल रहे आनंद चौहान को भी एप्लीकेशन दाखिल करने की अनुमति दी है जिसमें वह उन दस्तावेजों की मांग कर सकते हैं, जिन्हें कथित रूप से ईडी ने उन्हें मुहैया नहीं कराया है।
सुनवाई के दौरान आनंद चौहान के वकील ने दलील दी थी कि कई ऐसे दस्तावेज हैं जिन्हें अभी तक ईडी मुहैया नहीं करा सका है। ऐसे में आरोपी को उचित आवेदन करने के लिए समय दिया जाए। आनंद के वकील की इस दलील को विशेष अदालत ने मान लिया।
कोर्ट ने इस बात का संज्ञान लिया कि 7 सितंबर 2016 को चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी अब तक चौहान को फाइनल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई।
बता दें कि 9 जुलाई 2016 को ईडी ने आनंद चौहान को जांच में सहयोग न करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर महीने में चौहान के खिलाफ ईडी ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के सेक्शन 3 व 4 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।