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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे सीएम वीरभद्र को मिला सोनिया गांधी का साथ

Sat, 22 Apr 2017 08:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हिमाचल प्रदेश को लेकर कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो सोनिया ने मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए सभी तर्क ध्यान से सुने। कांग्रेस नेतृत्व ने फिलहाल भविष्य को लेकर कोई रुख स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन सीएम वीरभद्र मुश्किल दौर में सोनिया गांधी का आश्वासन लेकर लौटे हैं। सरकार की ओर से इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है। 
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मुख्यमंत्री शाम 5:20 बजे दस जनपथ पहुंचे और 6:10 पर बाहर निकले। बताते हैं कि सीएम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को भाजपा के दबाव की राजनीति का हिस्सा ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। ये भाजपा नेताओं की साजिश है। बताते हैं कि करीब आधे घंटे की बातचीत में सोनिया ने उन्हें ध्यान से सुना और पार्टी के साथ खड़े होने को भरोसा दिया। 

हिमाचल की राजनीति में किसी बदलाव को लेकर पार्टी पर दबाव बढ़ रहा है, जबकि कोर्ट का फैसला आने के बाद पार्टी पहले दिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ खड़ी है। सोनिया के रुख से स्पष्ट हो गया कि पार्टी फिलहाल अपनी ओर से राज्य में वीरभद्र का साथ नहीं छोड़ना चाहती है। दूसरी ओर, पार्टी के भीतर एक खेमा भविष्य की राजनीति को लेकर जोेखिम नहीं उठाना चाहता है। 
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कोर्ट के फैसले और अब ईडी की पूछताछ के बाद राज्य की राजनीति में अपनी जगह तलाश रहे नेताओं की गतिविधि भी तेज हो गई है। कांग्रेस के भीतर वीरभद्र विरोधी खेमे के कुछ नेताओं ने पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। सोनिया के रुख ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि पार्टी फिलहाल वीरभद्र के साथ खड़ी है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वह सीएम के साथ मजबूती से खड़े रहें। 
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