सीएम वीरभद्र सिंह का काफिला अचानक एक बुजुर्ग ने रोक लिया। सीएम गाड़ी से उतरे और बुजुर्ग से परेशानी पूछी। बाद में समस्या सुन सीएम ने इसे गले लगा लिया। आइए जानते हैं बुजुर्ग ने सीएम से क्या कहा-
विज्ञापन
2 of 5
दरअसल सीएम वीरभद्र सिंह एक कार्यक्रम के लिए शिमला के क्रैगनेनो रवाना हुए थे। तभी रास्ते में क्रेगनेनों के पास एक साल के बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री का काफिला रोक लिया। बुजुर्ग अपनी समस्या बताना चाहता था।
विज्ञापन
3 of 5
इस पर मुख्यमंत्री गाड़ी से उतरे और कहा-बताइए आपकी क्या समस्या है। इस पर सौ वर्षीय कृष्ण दास नेगी ने मकान के गिरने का खतरा होने की व्यथा सुनाई। सीएम ने बुजुर्ग की पूरी बात सुनी। कृष्ण दास नेगी और उनकी बेटी सरोज नेगी ने बताया कि 60 के दशक में बने उनके मकान के पास वर्ष आईपीएच विभाग ने पाइप लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से खुदाई की थी इससे उसके मकान में दरारें आ गई है।
4 of 5
खंभों के सहारे पुराने मकान को किसी तरह से खड़ा रखा है। 2010 में दोबारा मशीन लगाकर खुदाई करने से घर असुरक्षित हो गया है। सीएम ने बुजुर्ग को गले से लगाया और कहा कि वे उनके कार्यालय आकर उनसे मिले, उनकी समस्या को तुरंत दूर करने की कोशिश रहेगी। सरोज ने कहा कि सीएम ने मदद का भरोसा दिया है, वे उनसे जरूर मिलेंगी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मशोबरा बीडीओ कार्यालय के भवन का शिलान्यास करने को जाते समय अचानक बाल आश्रम मशोबरा का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने नए भवन निर्माण के चल रहे कार्य को देखा और कहा कि निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने ठेकेदार को बुलाया तो पता चला कि वह ठियोग गया है, इस पर भड़के मुख्यमंत्री ने मौजूद लोनिवि के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए कि वे काम में तेजी लाए और जल्द से जल्द काम को पूरा करे, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।