मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप एक लाख युवाओं को उच्च गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्लेसमेंट तथा स्वरोजगार से संबद्ध किया गया है। उन्होंने औद्योगिक घरानों के सदस्यों, संगठनों तथा क्षेत्रीय कौशल परिषदों से कौशल विकास निगम को अपने साथ सक्रियता पूर्वक जोड़ने पर विचार करने का आग्रह किया। सीएम बुधवार को पीटरहॉफ शिमला में ‘कौशल हिमाचल, समृद्ध हिमाचल’ कौशल कनक्लेव की अध्यक्षता कर रहे थे।
कहा कि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप एक लाख युवाओं को उच्च गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता हो रही है कि कौशल विकास निगम ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न औद्योगिक संगठनों के साथ कौशल विकास पर अनेक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए हैं।
कौशल विकास भत्ता योजना में वर्ष 2016-17 के लिए एक सौ करोड़ बजट का प्रावधान किया है। कौशल विकास निगम ने अपना पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया है, जहां राज्य के छह जिलों के 1080 युवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कौशल विकास निगम के स्टाफ को प्रशिक्षण बैच आरंभ करने तथा कनक्लेव के आयोजन में कड़ी मेहनत एवं समर्पण के लिए उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न औद्योगिक घरानों के प्रतिनिधियों तथा प्रशिक्षुओं से बातचीत भी की। उन्होंने उद्योगपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी बातचीत की। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त एवं योजना) डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने मुख्यमंत्री ने स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित किया।
प्रबंध निदेशक राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथियों का धन्यवाद किया। ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं योजना सलाहकार राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।