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कई सालों बाद राजा की पदवी पर बैठे बुशहर के ‘राजा’ वीरभद्र

Sat, 10 Dec 2016 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शांघड़ (कुल्लू)
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों पूर्व उनके परिवार से कोई यहां आया था और इस ऐतिहासिक पदवी पर बैठा था, जो शंगचुल देवता ने उपहार स्वरूप दी थी और यहां स्थापित की गई। इतिहास के समय से मंदिर हमसे जुड़ा हुआ है। 
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बताया जा रहा है कि शुक्रवार को बुशहर का राजा शांघड़ स्थित पदवी में सैकड़ों साल बाद आसीन हुआ है। जनसभा के दौरान सीएम ने हिमाचल जिंदाबाद और जनता जिंदाबाद के जोश के साथ नारे लगाए। उनकी देखादेखी में लोगों ने भी नारे लगाना शुरू कर दिए। 

हमारी शालीनता को कमजोरी न समझे एचपीसीए: वीरभद्र

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि एचपीसीए हमारी शालीनता, नरमी को कमजोरी न समझे। एचपीसीए का देश और प्रदेश के कानून से बाहर होने जैसा व्यवहार रहा है। बिना सरकार की अनुमति एचपीसीए का होटल पवेलियन निजी कंपनी को लीज पर देना सरकार के

साथ हुई लीज के विपरीत है। सीएम ने कुल्लू की सैंज घाटी के शांघड में शुक्रवार को शंगचूल महादेव मंदिर की प्रतिष्ठा रस्म में भाग लिया। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम शांतिप्रिय लोग हैं। विधानसभा सत्र में विपक्ष के एक्शन पर रिएक्शन होगा। 

बोले- आलोचना के कारण शिक्षण संस्थान खोलना नहीं होंगे बंद

शांघड़ में जनसभा के दौरान प्रतिपक्ष के एक बड़े नेता का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि कुछ लोग आलोचना में ही जुटे हैं और बुराइयां ढूंढते हैं। कभी अच्छाई भी निकालनी चाहिए। प्रभु यीशु मसीह की कहानी बताते हुए कहा कि बुराई तो राक्षस देखते हैं। 

विपक्ष अनेकों स्कूल खोलने पर उनकी आलोचना कर रहा है, परंतु मैं उन्हें सीधे तौर पर बताना चाहता हूं कि उनकी आलोचना से शिक्षण संस्थान खोलना बंद नहीं करूंगा। चाहता हूं कि प्रदेश में एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

हमारा लक्ष्य, सर्वांगीण एवं संतुलित विकास

कांग्रेस स्वस्थ आलोचना में विश्वास रखती है। उन्होंने लोगों से सही अथवा गलत की पहचान करने का भी आह्वान किया। कहा कि हमेशा यही लक्ष्य रहा है कि सभी क्षेत्रों का सर्वांगीण एवं संतुलित विकास हो। 

ऊपरी और निचले हिमाचल के नाम पर कोई भेदभाव न हो। उन्हें पहाड़ी होने पर गर्व है। वह तब भी यही कहते थे, जब वह सांसद तथा केंद्र में मंत्री थे।
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अपनी संस्कृति पर शर्मिंदगी महसूस न करें युवा

जो युवा अन्य राज्यों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें अपनी संस्कृति पर शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी चाहिए। इस दौरान आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुंदर सिंह, पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर, जिप अध्यक्ष रोहिणी चौधरी, डीसी यूनुस, एसपी पद्म चंद, डीपीआरओ शेर सिंह, एपीआरओ कुलदीप गुलेरिया आदि मौजूद थे।
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