मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश पर्यटन विकास निगम के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कुल्लू जिले के मणिकर्ण में पर्यटन विभाग की जमीन पर किए गए अतिक्रमण एक माह में हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने गंधक स्नानागार और सल्फर बाथ के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के अतिरिक्त मणिकर्ण और कसोल मार्ग पर भारी संख्या में आने वाले पर्यटकों को सड़क किनारे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
कहा कि अवैध कब्जाधारियों से भूमि को एक माह में खाली करवाकर बाड़ लगवाने के काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के कसौली स्थित होटल निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति सुनिश्चित करवाने को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सोलन के क्यारी बंगला में पर्यटन होटल के विस्तार के निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूरा करने के लिए कहा।
बैठक में जानकारी दी गई कि निगम ने 31 मई 2017 तक 3.70 लाख रुपये त्रैमासिक परिचलन लाभ कमाया है। यह भी निर्णय लिया कि मुख्यमंत्री सोलन के साधुपुल स्थित जल पार्क और भराड़ीघाट में सड़क किनारे उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं और ऊना के सोमभद्र्रा मार्ग पर नवस्तरोन्नत सुविधाओं का 30 जून को वीडियो कांफ्रेेंसिंग से लोकार्पण करेंगे।
बैठक में निगम में मैसन, कारपेंटर जैसे कामगारों के कुछ पद भरने का भी निर्णय लिया गया। मुख्य संसदीय सचिव मनसाराम, एचपीटीडीसी के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, मुख्य सचिव वीसी फारका, निदेशक मंडल के सदस्य वीरेंद्र धर्माणी, सुरेंद्र सेठी, विजय इंद्र कर्ण, अमरजीत सिंह, रूपेश कनवाल, गोपाल कृष्ण महंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी और एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक दिनेश मल्होत्रा भी मौजूद रहे।