मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह की ओर से उनकी आयकर असेसमेंट को दोबारा जांचने के आयकर विभाग के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट में वीरवार को पूरा दिन बहस हुई। न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद सभी याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
मामले के अनुसार वित्तीय वर्ष 2012-2013 में इन्होंने अपनी कुल आय का ब्योरा आयकर विभाग को देते हुए रिटर्न जमा करवाई थी। आयकर विभाग ने रिटर्न में खामियां पाते हुए प्रार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 24 नवंबर 2016 को विभाग ने दोबारा आकलन को खोलने के आदेशों के खिलाफ दायर की गई आपत्तियों को खारिज कर दिया। इन्हीं आदेशों को प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में रिट याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी है।