चार हजार से अधिक पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षकों के लिए सरकार स्थाई नीति बनाएगी। एसएमसी शिक्षकों की जगह नियमित शिक्षकों को भी स्कूलों में नियुक्त नहीं किया जाएगा। मंगलवार को राजधानी शिमला स्थित होटल पीटरहॉफ में पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षक संघ के राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह घोषणा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा हिमाचल में एसएमसी पालिसी का जन्मदाता मैं ही हूं। दूरदराज के जिन स्कूलों में जाने से नियमित शिक्षक गुरेज करते थे वहां पद खाली ना रहे और शिक्षा प्रभावित ना हो। इसके लिए एसएमसी शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। ऐसे में इन शिक्षकों की देखभाल करना और भविष्य की चिंता करना मेरी प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षकों को मैं निराश नहीं होने दूंगा।
उन्होंने एसएमसी एसोसिएशन को सभी मांगे विस्तार पूर्वक उन्हें देने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठकर इन मांगों पर चर्चा की जाएगी। जल्द ही स्थाई नीति बनाकर शिक्षकों को बड़ी राहत दी जाएगी।
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सीएम बोले, बढ़ेगी सैलरी, छुट्टियां भी देंगे
मुख्यमंत्री ने दूरदराज के स्कूलों में सेवाएं दे रहे एसएमसी शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा जिन क्षेत्रों में नियमित शिक्षक जाने से गुरेज करते हैं वहां एसएमसी शिक्षकों ने सेवाएं देकर शिक्षा का ढांचा मजबूत किया है। ऐसे शिक्षकों का सम्मान करना राज्य सरकार का फर्ज है।
मुख्यमंत्री ने एसएमसी शिक्षकों का वेतन बढ़ाने और छुट्टियों का बंदोबस्त करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा एसएमसी शिक्षकों की सभी मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है।
कुछ मांगे जल्द पूरी हो जाएंगी, शेष को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा विक्रमादित्य सिंह ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा साल 2017 में हिमाचल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में सभी शिक्षक और उनके परिवारजन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस पार्टी का सहयोग करें।
मुख्यमंत्री सातवीं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते हैं तो हिमाचल में शिक्षा का दर्जा और अधिक मजबूत होगा। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, कांग्रेस नेता चंद्रशेखर, देवेंद्र कंवर, कर्मचारी महासंघ की उपाध्यक्ष सुनीता ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शिक्षकों की भारी भीड़ देख गदगद हुए मुख्यमंत्री
राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में जुटे सैकड़ों एसएमसी शिक्षकों को देख मुख्यमंत्री गदगद हो गए। उन्होंने कहा मैने सोचा नहीं था एसएमसी शिक्षकों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई होगी। शिक्षकों द्वारा मुख्यमंत्री और विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में बार-बार लगाए जा रहे नारों से भी मुख्यमंत्री खुश दिखे।
सीएम, विक्रमादित्य को पहनाया चांदी का मुकुट
पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षक संघ ने सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। संघ ने दोनों को तलवार भी भेंट की। फूलों की एक बड़ी माला भी मुख्यमंत्री, विक्रमादित्य को पहनाई गई।
वीरभद्र को सातवीं बार सीएम बनाने में देंगे सहयोग
संघ के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रौंगटा ने कहा हम चार हजार शिक्षक और हमारे पारिवारिक सदस्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ देंगे। वीरभद्र सिंह को सातवीं बार मुख्यमंत्री बनाने और विक्रमादित्य सिंह को विधायक बनाने में पूरा सहयोग देंगे।
राजधानी में मंगलवार को आयोजित पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षक संघ का राज्य स्तरीय सम्मेलन पूरी तरह से चुनावी सभा में बदल गया। प्रदेश के कोने-कोने से पारंपरिक वेशभूषा में आए एसएमसी शिक्षकों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में जोरदार नारेबाजी की।
वीरभद्र सिंह को जहां सातवीं बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने के नारे लगे, वहीं विक्रमादित्य सिंह को प्रदेश का युवा नेतृत्व भी बताया। संघ के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रौंगटा ने कहा कि हम चार हजार शिक्षक और हमारे पारिवारिक सदस्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ देंगे।
वीरभद्र सिंह को सातवीं बार मुख्यमंत्री बनाने और विक्रमादित्य सिंह को विधायक बनाने में पूरा सहयोग देंगे। उधर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एसएमसी शिक्षकों की सभी मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है। कुछ मांगें जल्द पूरी हो जाएंगी, शेष को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
विक्रमादित्य ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि साल 2017 में हिमाचल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में सभी शिक्षक और उनके परिवारजन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और कांग्रेस का सहयोग करें। मुख्यमंत्री सातवीं बार प्रदेश के सीएम बनते हैं तो हिमाचल में शिक्षा का दर्जा और अधिक मजबूत होगा।
इस दौरान एक शिक्षक ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सम्मान में संस्कृत में कई श्लोक भी पढ़े। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, कांग्रेस नेता चंद्रशेखर, देवेंद्र कंवर, कर्मचारी महासंघ की उपाध्यक्ष सुनीता ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।