मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को व्यापार कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार ने समस्त पंजीकृत व्यापारियों को समूह दुर्घटना बीमा योजना 2016 में शामिल करने के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ 31 दिसंबर, 2016 को एक अनुबंध किया है।
यह अनुबंध क्रियान्वयन के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी शिमला के मंडलीय प्रबंधक के साथ किया गया है। कहा कि व्यापारियों की मांग पर सरकार ने वस्तुओं की ऑनलाइन खरीद पर प्रवेश कर लगाया है। रज्जू मार्गों तथा सिनेमा हाल के लिए मनोरंजन कर क्रमश: 25 और 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया है।
कहा कि सरकार हमेशा व्यापारियों की मांगों को लेकर संवेदनशील है और आश्वासन के आधार पर उनके लिए डीम्ड असेसमेंट सिस्टम लागू किया गया है। कहा कि सरकार प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित बनाने को विद्युत संचालित वाहनों पर विचार कर रही है।
इन वाहनों को करों में छूट का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की बारीकियों को समझने के लिए व्यापारियों तथा कारोबारियों के लिए अलग से शिविर और कार्यशालाएं लगाई जाएंगी। इसके अलावा आबकारी एवं कराधान विभाग का आधुनिकीकरण, सुदृढ़ीकरण तथा विस्तार भी आवश्यक है। व्यापारियों की सुविधा के लिए उन्हें जीएसटी के बारे में जागरूक करने के लिए हेल्पडेस्क स्थापित किया जाएगा।
इससे पूर्व महासचिव राजेश महेंद्र के नेतृत्व में व्यापार मंडल मंडी ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने कहा कि वैट से जुड़ी व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए एडवांस रूलिंग अथॉरिटी का गठन किया गया है। मंत्री ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर ही सरकार हिमाचल में साठ साल के होने पर व्यापारियों को पेंशन देने पर विचार कर रही है।
हालांकि, इसमें व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन के बाद हर साल कुछ सरचार्ज देना होगा। बैठक में आबकारी एवं कराधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, आबकारी एवं कराधान आयुक्त पुष्पेंद्र राजपूत के अलावा विभागीय अधिकारी मौजूद थे।