उन्होंने मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार समेत तमाम प्रमुख अधिकारियों को बुलाकर बजट भाषण के एक-एक बिंदु पर चर्चा की। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री विधानसभा में वापस लौटे। मुख्यमंत्री सुक्खू के बजट भाषण पर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों-बागवानों, पर्यटन कारोबारियों, व्यवसायियों, उद्योगपतियाें आदि की खास नजर है। राज्य पर वर्तमान में एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार पर कर्मचारियों-पेंशनरों समेत कई वर्गों की देनदारियां हैं। बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री के वित्तीय प्रबंधन पर भी सभी की निगाहें हैं। बजट पर सोमवार से सामान्य चर्चा शुरू होगी। 25 मार्च को सामान्य चर्चा का समापन होगा। 27 मार्च से बजट की मांगों पर चर्चा और मतदान हाेगा। 30 मार्च को बजट पारित कर दिया जाएगा।