सीएम सुक्खू ने फूुड वैन को किया रवाना।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब नेशनल हाईवे पर फूड वैन में हिमाचली व्यंजन बेचती नजर आएंगी। इससे जहां उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, वहीं सैलानी भी पारंपरिक हिमाचली लजीज व्यंजन का स्वाद चखेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को ओकओवर से सात फूड वैन को हरी झंडी दिखाई। इसमें चार वैन जिला शिमला के लिए हैं। इनमें दो मशोबरा ब्लॉक, एक बसंतपुर और एक ठियोग ब्लॉक के लिए रवाना गई। इनके अलावा एक वैन बिलासपुर और एक किन्नौर के लिए भेजी गई। यह गाड़ियां महिलाएं ही चलाएंगी।
अब हिमाचल प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद अब ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बिकेंगे। हिम ईरा के उत्पादों को सरकारी भवनों में दुकानें भी दी जाएंगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने himira.co.in नामक ई-कॉमर्स वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से प्रदेश के 44 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 3,50,000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं के तैयार किए गए उत्पादों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम-ईरा महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल है। आने वाले समय में इसे और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने सभी स्वयं सहायता समूहों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों और अन्य गण्यमान्यों को भी हिम-ईरा से बने उत्पाद उपहार स्वरूप प्रदान किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य की संस्कृति के अनुरूप नीतियां निर्धारित कर रही है। उन्होंने मिशन में आर्थिक रूप से स्वावलंबी महिलाओं की सफलता की प्रेरक कहानियाें की पुस्तिका का भी विमोचन किया। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब और वंचित वर्गों को ध्यान में रखते हुए नीतियों और योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। शिमला में लिफ्ट के निकट राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को भूमि आवंटित की गई है। जहां प्रदेश के हर जिले से संबंधित एक दुकान स्थापित की जाएगी। भविष्य में स्वयं सहायता समूहों को 70 फूड वैन उपलब्ध करवाने की योजना है।
भाजपा ने बिना बजट प्रावधान के शुरू कीं योजनाएं : सीएम
- मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि चुनावों के दृष्टिगत इन्होंने बिना बजट प्रावधान के योजनाएं शुरू की। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा। केवल चुनावी लाभ के लिए सुविधा संपन्न लोगों को 5 हजार करोड़ रुपये की रेवड़ियां बांटीं। मुख्यमंत्री ने बिजली सब्सिडी छोड़ने वाले लोगों का आभार भी जताया।