बताया कि ओपीएस लागू किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य की करीब 1,600 करोड़ रुपये की सहायता राशि रोक दी है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों के हित में निर्णय वापस नहीं लिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तीन वर्ष में 23 हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया, जबकि इसी अवधि में 26 हजार करोड़ रुपये मूलधन और ब्याज के रूप में चुकाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने नए राजस्व स्रोत तैयार किए और भ्रष्टाचार के रास्ते बंद किए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्रीय टीम ने हिमाचल प्रदेश में 9,300 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया, लेकिन इस संबंध में भाजपा सांसदों ने संसद में कोई प्रश्न नहीं उठाया।
भाजपा को ज्यादा संसाधन मिलने के बावजूद बढ़ा कर्ज
कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने जनता के करीब पांच हजार करोड़ रुपये जरूरतमंदों पर खर्च करने की बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किए। वर्तमान कांग्रेस सरकार की तुलना में पिछली भाजपा सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये अधिक संसाधन मिले, इसके साथ ही 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज भी लिया गया। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने आय के नए संसाधन विकसित किए और भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद किया।
केंद्रीय बजट और आरडीजी बंद करने पर तथ्यहीन बयानबाजी कर रही भाजपा : विनय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह केंद्रीय बजट और 16वें वित्त आयोग की ओर से राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के बारे में तथ्यहीन बयानबाजी कर प्रदेश के लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश की पूरी तरह अनदेखी हुई है। उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान बंद करने को भी असांविधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक संसाधनों पर्यावरण को बनाएं रखने के लिए वन और जल के सरंक्षण की एवज में प्रदेश को विशेष आर्थिक मदद भी जारी की जानी चाहिए। एक बयान में विनय कुमार ने प्रदेश के भाजपा सांसदों से आग्रह किया कि राजस्व घाटा अनुदान, प्रदेश को आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिये प्रदेशहित में केंद्रीय नेताओं से आग्रह करें।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आपदा राहत के लिए घोषित 1,500 करोड़ रुपये जारी करने का भी आग्रह किया। विनय ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक संकट के लिए पूर्व भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार से प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां और 75 हजार करोड़ से अधिक का ऋण विरासत के तौर पर मिला है। इसके बावजूद प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से प्रदेश के विकास की गति को बनाये रखा है। आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके नुकसान की भरपाई के साथ-साथ पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश में विकास की गति पर अंकुश लग सकता है।