मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्ष 2026 तक हिमाचल को देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाएंगे। हरित ऊर्जा का दोहन कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद करेगा। यह जानकारी सीएम ने धर्मशाला में स्थापित शहर की पहली 750 किलोवाट की सौर ऊर्जा परियोजना के उद्घाटन अवसर पर कही। 8,500 वर्ग मीटर भूमि पर 4.74 करोड़ से बनी परियोजना से प्रतिदिन 2,000 यूनिट बिजली पैदा होगी। परियोजना का निर्माण कार्य अक्तूबर 2023 में शुरू किया था और नवंबर 2024 में पूरा हुआ। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने परियोजना से उत्पादित बिजली खरीदने के लिए समझौता किया है।
इससे हर माह धर्मशाला नगर निगम को 2.80 लाख रुपये की आय होगी। परियोजना में 1,364 सौर पैनल शामिल हैं, जो व्यापक सुरक्षा उपायों से सुसज्जित हैं और विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अर्थिंग और बॉन्डिंग सिस्टम भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और सौर ऊर्जा के दोहन के लिए व्यापक रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 72 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली सात सौर ऊर्जा परियोजनाएं जल्द आवंटित कर दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त 325 मेगावाट क्षमता वाली आठ परियोजनाओं के लिए सर्वेक्षण और अध्ययन कार्य चल रहे हैं।
200 पंचायतें ग्रीन पंचायत के रूप में की जा रहीं विकसित
पहली बार सरकार 200 किलोवाट के ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट लगाकर 200 पंचायतों को ग्रीन पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऊना जिले में 32 मेगावाट की पेखूबेला सौर ऊर्जा परियोजना 15 अप्रैल, 2024 को जनता को समर्पित की गई थी। अप्रैल से अक्तूबर 2024 तक इस परियोजना से 34.19 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की गई, जिससे 10.16 करोड़ की कमाई हुई। ऊना जिले के भंजाल में 5 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना 30 नवंबर, 2024 से शुरू की गई। वहीं, 10 मेगावाट की अघलौर सौर ऊर्जा परियोजना का निर्माण शीघ्र पूरा हो जाएगा।