जिला चंबा विधायकों की प्राथमिकताएं
चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हंसराज ने शिमला में आबादी का दबाव कम करने के लिए कुछ विभागों के कार्यालय प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चुराह क्षेत्र की विद्युत परियोजनाओं के कारण विस्थापित घराट मालिकों का पुनर्वास करने तथा उनके परिवार के सदस्यों को स्थायी नौकरी प्रदान करने की मांग की। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने क्षेत्र में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने तथा शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा का आयोजन जन्माष्टमी से राधा अष्टमी तक होता है, जिसे आगे पांच दिन और बढ़ाया जाना चाहिए ताकि इससे स्थानीय निवासियों को भी रोजगार मिल सके। उन्होंने भरमौर में वूल फेडरेशन का कार्यालय खोलने की भी मांग की। चंबा के विधायक नीरज नैय्यर ने चंबा-चुवाड़ी सुरंग बनाने का मांग की। उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय चंबा के लिए 165 करोड़ रुपये तथा चंबा में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चंबा शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया। डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डीएस ठाकुर ने अपने चुनाव क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पद भरने की मांग की। उन्होंने पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए धन मुहैया करवाने, सलूणी से टांडा के लिए बस सेवा आरंभ करने तथा डलहौजी में नया बस अड्डा बनाने की मांग की।
जिला लाहौल-स्पीति
लाहौल-स्पीति विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि ठाकुर ने जिला स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग तथा पंचायती राज विभाग के समावेश की मांग की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती और विपणन करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जिला लाहौल-स्पीति में शांति स्तूपों की मरम्मत करने की मांग की ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा संबंधित जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।