मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत आईटीबीपी के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों से और बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आईटीबीपी के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित हेलीपैडों को दूरदराज क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए बल के साथ विस्तृत चर्चा कर सभी औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी। इससे संपर्क सुविधा भी सशक्त होगी। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए अनेक कदम उठा रही है।
ग्रामीण आर्थिकी को सशक्त करने के लिए आईटीबीपी यदि स्थानीय लोगों से खाद्य उत्पाद क्रय करती है, तो इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे और किसान-बागवान भी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने बल के अधिकारियों से कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद स्थानीय लोगों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार के अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार टावर स्थापित करने के लिए सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आईटीबीपी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों और अन्य गतिविधियों की सराहना की। कमांडर संजय गुंज्याल ने आईटीबीपी द्वारा वाईर्बेंट विलेज विकास कार्यक्रम के तहत सांगला वैली व कौरिक क्षेत्र में प्रस्तावित तीन नई सड़कों के निर्माण के लिए उठाए गए कदमों तथा प्रदेश के दूरस्थ व अग्रिम सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रस्तावित 15 नई सड़कों के प्रस्ताव से भी अवगत करवाया। बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमफैड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, सचिव रितेश चौहान, आईटीबीपी के डीआईजी पवन कुमार नेगी व बरिंद्रजीत सिंह, कमांडेंट वसंत नोगल और सुनील कुमार सेनानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।