मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोमवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा नेता बार-बार यह कहते थे कि गारंटियों का क्या हुआ। यह सरकार की सबसे बड़ी गारंटी थी। इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने प्रथम चरण में लाहौल-स्पीति की महिलाओं को सम्मान राशि का हकदार बना दिया है। इसी कड़ी में एक कदम आगे बढ़कर प्रदेश की 2,45,000 महिलाओं को एक फरवरी से 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा कर दी गई है। ये 60 से अधिक उम्र वाली महिलाएं, एकल नारियां आदि हैं।
दूसरी गारंटी 680 करोड़ की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना तीन चरणों में शुरू की। अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने की तीसरी गारंटी को इसी सत्र से पूरा किया जा रहा है। गाय के दूध की खरीद में 13 और भैंस के दूध में 23 रुपये की वृद्धि की। पहली बार दूध और प्राकृतिक खेती से उगाए अनाज को खरीदने का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया। मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 60 रुपये बढ़ाकर 300 की गई।
शानन प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में अधिकार की लड़ाई लड़ेंगे : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भारत सरकार से एक पत्र आया है, जिसमें कहा गया है कि इस बाबत अभी कुछ कार्रवाई मत करें। इसको लेकर हमने कैबिनेट बैठक में चर्चा की है। पंजाब सरकार शानन प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गई है। हमने भी इसको लेकर संवाद स्थापित करना शुरू कर दिया है। हम अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे।
झूठ बोल गए मुख्यमंत्री, बजट में प्रावधान नहीं तो 1500 कहां से : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास किया है। कांग्रेस झूठ बोलकर सत्ता में आई और अब महिलाओं को 1500 रुपये देने का वादा भी झूठा है। बजट पारित हो चुका है और 6 दिन बाद यह घोषणा की है। बजट में प्रावधान ही नहीं है तो घोषणा पूरी कहां से होगी। 1 अप्रैल को आचार संहिता लग जाएगी, उसके बाद महिलाओं को 1500 रुपये कहां से मिलेंगे। हिमाचल में 2011 की जनगणना के हिसाब से 38 लाख महिलाएं हैं। 18 से 60 वर्ष की महिलाओं की संख्या 22 लाख हैं। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजना चल रही है। इसमें कुल लाभार्थियों की संख्या 7.83 लाख है। इसमें महिलाओं की संख्या 4.55 लाख हैं। तो क्या मुख्यमंत्री केवल 5 लाख महिलाओं को राशि वितरण करने की बात कर रहे हैं?