राज्य में हवाई सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सभी जिला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में 16 हेलीपोर्ट बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में 9 और दूसरे चरण में 7 हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। हवाई सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में प्रति वर्ष पांच करोड़ पर्यटकों के आवागमन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हवाई सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में जिला हमीरपुर के जसकोट, जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, जिला चंबा के सुल्तानपुर, जिला कुल्लू के मनाली, जिला लाहौल-स्पीति के जिस्पा, सिस्सू और रंगरीक तथा जिला किन्नौर के शारबो में नौ हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे। सुल्तानपुर, रक्कड़, पालमपुर और जसकोट में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जबकि अन्य हेलीपोर्ट के लिए प्रक्रिया चल रही है।
दूसरे चरण में शेष 7 हेलीपोर्ट स्थापित किए जाएंगे। यह हेलीपोर्ट जिला चंबा के पांगी और होली, जिला बिलासपुर के औहर, जिला सिरमौर के धारकियारी, जिला शिमला के चांशल पास, जिला ऊना के जनकौर हार और जिला सोलन के गनालग में निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रक्कड़ हेलीपोर्ट के लिए एफसीए स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। जसकोट, मनाली, जिस्पा, सिस्सू, रंगरिक, पांगी और होली सहित 6 हेलीपोर्ट के एफसीए मामले पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने का निर्णय लिया है। पर्यटन विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार भी किया जा रहा है। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।