बागा सराहन जैसा घास का मैदान पूरे देश में नहीं है, जहां एक लाख लोगों की क्षमता वाले चार क्रिकेट स्टेडियम बन जाएंगे। यहां की सुंदरता स्विटजरलैंड के सामने भी फीकी है। वहां तो एल्पस् हैं और यहां बिग हिमालय है। यह पहलगाम से भी खूबसूरत जगह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बागा सराहन में नए साल का कार्यक्रम सप्ताह भर आयोजित करने का विचार है। पर्यटक यहां आएं और घास पर सोएं, साथ झरना भी देखें। वह इसकी रूपरेखा तैयार करवा रहे हैं। वह खुद गांव के आदमी हैं। गांव के लोगों के हाथ में पैसा कैसे जाए, वह इस पर काम कर रहे हैं। बागा सराहन जैसे सुंदर ग्रामीण क्षेत्रों में जो होम स्टे बना रहे हैं, उन्हें चार फीसदी की व्याज पर मदद दी जा रही है।
भगवान का शुक्र, मौसम खराब होने पर सड़क मार्ग से आना पड़ा
सुक्खू ने कहा कि मौसम खराब था तो उन्हें सड़क मार्ग से वागा सराहन आना पड़ा। भगवान का शुक्र है कि इस वजह से वह पूरी सड़क का सर्वे कर पाए। उन्होंने तय कर लिया है कि निरमंड से लेकर बागा सराहन तक की सड़क वह डबल लेन करवाएंगे। इस क्षेत्र को ईको-ट्रेल से बठाड़ से होते हुए कुल्लू जिला मुख्यालय से जोड़ने पर काम होगा।