मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ उच्च घनत्व बागवानी, बगीचों का प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, भंडारण और विपणन रणनीतियों जैसे क्षेत्रों में प्रदेश का मार्गदर्शन कर सकते हैं। इससे न केवल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि हिमाचल की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादकों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और ढाई साल में इसी दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल कार्टन की शुरुआत से बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिल रहे हैं। न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता के सहयोग से प्रदेश आधुनिक, सतत और जलवायु अनुकूल तकनीकों को अपनाकर सेब और नाशपाती की खेती में एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।