मुख्यमंत्री ने वित्त आयोग से धन आवंटन बढ़ाने की वकालत की
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात की। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राज्य सरकार के अधिकारियों ने आयोग के समक्ष एक प्रस्तुति दी और राज्य की ओर से एक अतिरिक्त ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने राज्य को मिलने वाले धन के आवंटन में वृद्धि की जोरदार वकालत की। उन्होंने यह भी कहा कि भौगोलिक चुनौतियों वाले देश के पहाड़ी राज्यों को उनका हक मिलना चाहिए। राज्य ने अपने पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करके राष्ट्र को प्रदान की जा रही पारिस्थितिकी और पर्यावरण सेवाओं के लिए ग्रीन बोनस की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर में कटौती के कारण राज्य को नुकसान हुआ है तथा उन्होंने जीएसटी में हुए नुकसान की उचित भरपाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए, न कि कम किया जाना चाहिए। डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने आश्वासन दिया कि आयोग राज्य की प्रस्तुतियों पर विचार करेगा। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के साथ थे।
कीर्ति और शौर्य चक्र मिलना गौरव की बात : सीएम
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के वीर सपूतों को मरणोपरांत कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाना गौरव की बात है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से नई दिल्ली में प्रदेश के ऊना जिला के घरवासड़ा गांव के भारतीय थल सेना के गनर नायक दिलवर खान को मरणोपरांत कीर्ति चक्र और किन्नौर के तरांडा गांव के हवलदार रोहित कुमार नेगी को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को मिला यह सम्मान जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और देश भक्ति की भावना का प्रतीक है। यह हर प्रदेशवासी के लिए सम्मान और भावुकता का क्षण है।