रेणुका मेले की सदियों पुरानी परंपरा को सिरमौर राज परिवार आज भी निभाता चला आ रहा है। वर्तमान में राज परिवार के वंशज व राजघराने के वरिष्ठ सदस्य कंवर अजय बहादुर सिंह अपने परिवार के साथ गिरि नदी के तट पर भगवान परशुराम की प्रतीक्षा करते हैं।
देवताओं की पालकी को अपने कंधे पर उठाकर पंडाल तक लाते हैं। कंवर ने बताया कि भगवान परशुराम उनके कुलिष्ठ हैं। भगवान परशुराम की उनके परिवार पर विशेष कृपा है।