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मुख्यमंत्री, मंत्रियों की परिक्रमा में बीता अफसरों और कर्मचारियों का दिन

Fri, 29 Dec 2017 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राज्य सचिवालय में दिन भर उत्सव जैसा माहौल रहा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की तान पर सचिवालय गेट पर भाजपा समर्थक झूमते रहे। भीतर मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों को बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा। भाजपा समर्थक जहां पांच साल बाद मिली सत्ता की खुशियां मनाते दिखे, वहीं नई सरकार से अपने मधुर संबंध बनाए रखने के लिए अफसर और कर्मचारी मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों की परिक्रमा में जुटे रहे। कुछ अफसरों ने तो भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को अपनी ढाल बनाकर नई सरकार के दरबार में हाजिरी भरी।
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वीरवार सुबह 09:30 बजे से ही सचिवालय में लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। करीब 10:00 बजे मंत्री रामलाल मारकंडा, अनिल शर्मा, वीरेंद्र कंवर और सुरेश भारद्वाज सचिवालय पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब 11:15 बजे सचिवालय पहुंचे। इसी दौरान मंत्री किशन कपूर, महेंद्र ठाकुर, गोविंद ठाकुर, सरवीण चौधरी और विक्रम ठाकुर भी सचिवालय पहुंचे।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सचिवालय पहुंचते ही माहौल में एकाएक गर्माहट आ गई। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से शिमला पहुंचे भाजपा समर्थक मुख्यमंत्री सहित अपने-अपने क्षेत्र के मंत्रियों के कमरों में बधाइयां देने पहुंच गए। सभी समर्थकों को मंत्रियों ने मिठाई भी खिलाई। करीब 11:30 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय कर्मचारी महासंघ द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में चले गए।
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01:00 बजे तक सचिवालय की पार्किंग में स्वागत समारोह चला। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हॉलीलॉज में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मिलने उनके घर गए। दोपहर 02:15 बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सचिवालय लौटे। मुख्यमंत्री के सचिवालय पहुंचते ही गेट पर मौजूद सैकड़ों लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। देर शाम तक मुख्यमंत्री को बधाइयां देने का दौर चलता रहा।

मंत्रियों के कमरों का नंबर और रास्ता पूछते रहे समर्थक

अधिकांश भाजपा समर्थक सचिवालय गेट पर पुलिस कर्मियों से मंत्रियों के कमरों के नंबर और वहां जाने का रास्ता पूछते दिखे।

सचिवालय के मुख्य द्वार पर मंत्रियों के कमरों की लिखित में सूचना न होने से सुरक्षा कर्मियों ने समर्थकों की सहूलियत के लिए एक कागज पर मंत्रियों के कमरों के नंबर लिखे थे। इस कागज को देखकर सुरक्षा कर्मी समर्थकों को रास्ता दिखाते रहे।

ट्रैफिक सुचारु रखने में पुलिस के छूटे पसीने
सचिवालय के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटने के चलते छोटा शिमला में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। वाहनों को सुचारु तौर पर चलाने के लिए पुलिस को खूब पसीना बहाना पड़ा।

सचिवालय में जुटी समर्थकों की भारी भीड़ के चलते एक ओर निगम विहार तो दूसरी ओर हिमफेड पेट्रोल पंप तक वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं।

बेरोकटोक आने-जाने दिए लोग
सचिवालय में प्रवेश करने के लिए आम तौर पर पास बनाने पड़ते हैं लेकिन वीरवार को लोगों को बेरोकटोक आने-जाने दिया गया। 

मंत्री नहीं बनने से निराश होने की जरूरत नहीं

सीएम ने कहा है कि हिमाचल में मुख्यमंत्री समेत 12 मंत्री बनाए जाने की संवैधानिक व्यवस्था है। ऐसे में जो विधायक मंत्री नहीं बन सके हैं, उन्हें नाराज होने की जरूरत नहीं।

सचिवालय में आयोजित स्वागत समारोह के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का कार्यकाल लंबा है। भविष्य में कई तरह की संभावनाएं हैं।

सीएम ने कहा कि जिस दिन से मुझे विधिवत तौर पर हिमाचल का मुख्यमंत्री घोषित किया गया है, तब से मेरे साथ सेल्फी लेने वालों की संख्या बढ़ गई है। लोग तो बाजू पकड़ कर सेल्फी ले रहे हैं।

मुझे कुछ लोगों ने सेल्फी के लिए आने वाले लोगों को रोकने की सलाह दी लेकिन मैंने साफ कहा कि अगर लोगों को इसमें खुशी मिलती है तो कोई बात नहीं - लोगों को सेल्फी लेने दो।

एक ओर राणा, दूसरी तरफ टिक्का और बीच में गरीब ब्राह्मण

स्वागत समारोह में मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला शहर को पहली बार मंत्री पद दिए जाने पर सीएम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के एक ओर राणा (अनिरुद्ध सिंह) हैं और दूसरी तरफ टिक्का (विक्रमादित्य सिंह) हैं।

बीच में मैं गरीब ब्राह्मण हूं। मुख्यमंत्री ने मुझे मंत्री बनाकर शिमला की जनता को बड़ा तोहफा दिया है।
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खूब ठहाके लगे

स्वागत समारोह में सभी मंत्रियों को टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। जैसे ही मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को सम्मानित करने की घोषणा की गई तो टोपी आगे भेजने में कुछ देर हो गई।

ऐसे में सम्मानित करने आए यूनियन के पदाधिकारी को महेंद्र ठाकुर ने अपनी मेज पर रखा गुलदस्ता पकड़ाते हुए कहा कि टोपी की कोई बात नहीं, यह गुलदस्ता ही दे दो। इस बात को लेकर कार्यक्रम में खूब ठहाके लगे।
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