माकपा विधायक राकेश सिंघा की ओर से प्रश्नकाल में एनपीएस कर्मियों की मौत पर पेंशन देने का मामला उठाया गया। सिंघा ने कहा कि उत्तराखंड, राजस्थान और असम ने पेंशन देने को लेकर भारत सरकार के फैसले को लागू किया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब पे कमीशन की सिफारिशें हिमाचल में पुरानी व्यवस्था के तहत लागू की जाती हैं। हम पंजाब का अनुसरण करते हैं पर उनके फैसले पूरी तरह लागू करने के लिए बाध्य नहीं हैं। प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखकर ही फैसले होते हैं। माकपा विधायक राकेश सिंघा की ओर से प्रश्नकाल में एनपीएस कर्मियों की मौत पर पेंशन देने का मामला उठाया गया। सिंघा ने कहा कि उत्तराखंड, राजस्थान और असम ने पेंशन देने को लेकर भारत सरकार के फैसले को लागू किया है।
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हिमाचल प्रदेश में भी 2114 कर्मचारियों की वर्ष 2003 के बाद सेवाएं देते हुए मौत हुई है। इन्हें पेंशन का प्रावधान किया जाना चाहिए। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीएस के लिए अंशदान को सरकार ने 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया है। किसी की मृत्यु होती है तो उसमें ग्रेच्युटी का भी प्रावधान होता है। 15 मई, 2003 से इसे लागू किया गया है। पंजाब के वेतन आयोग का हम अनुसरण करते हैं। हम इंतजार कर रहे हैं। आर्थिकी में सुधार होगा तो इस संबंध में विचार करेंगे। सीएम ने कहा कि अगर पंजाब सरकार इस फैसले को लागू करती है तो प्रदेश में इसका परीक्षण किया जाएगा।