मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को कोरोना के दृष्टिगत लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में आने वाले प्रवासियों के डाटा बेस बनाने को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से विकसित स्किल रजिस्टर शुरू किया। कहा कि इच्छुक व्यक्ति skillregister.hp.gov.in से पंजीकरण करवा सकते हैं। विभिन्न कंपनियां और औद्योगिक घराने भी पोर्टल पर अपनी आवश्यकताएं दर्ज कर सकते हैं। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य में लौटे लोग शैक्षणिक योग्यता, कौशल और नौकरी की आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
सीएम ने कहा कि यह पंजीकरण मोबाइल और आधार नंबर पर आधारित होगा। लोगों को एसएमएस से सूचित किया जाएगा। कहा कि इससे राज्य में उपलब्ध कौशल की पहचान करने और कौशल उन्नयन आवश्यकताओं के विश्लेषण में सहायता मिलेगी। यह उद्योगों को एक क्लिक पर कुशल श्रमशक्ति के बारे में जानकारी देने में सहायक सिद्ध होगा। कौशल के बारे में रिपोर्ट जिलावार, शैक्षिक योग्यता वार और कार्य अनुभव के अनुसार तैयार की जाएगी।
कहा कि कौशल रजिस्टर को औद्योगिक घरानों के साथ जोड़ा जाएगा। रजिस्टर में आवश्यकता के अनुसार कौशल उन्नयन का भी प्रावधान होगा। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने कौशल रजिस्टर की मुख्य विशेषताओं की जानकारी दी। प्रदेश कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने एक प्रस्तुति दी। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, मुख्य सचिव अनिल खाची, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी रजनीश, श्रमायुक्त एसएस गुलेरिया, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी आशुतोष गर्ग और अन्य उपस्थित थे।