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वनों में आग लगाना पड़ेगा महंगा, हिमाचल सरकार करेगी ये कार्रवाई

Fri, 16 Mar 2018 10:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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सीएम जयराम ठाकुर ने दो अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर वन अग्नि जागरूकता अभियान 2018 का शुभारंभ किया। विधानसभा परिसर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक

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पखवाड़े तक चलने वाले अभियान को पूरे प्रदेश में वन अग्नि की बड़ी घटनाओं अथवा अन्य संबद्ध घटनाओं की स्थिति में बचाव और आवश्यक कदम उठाने बारे जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। 

कहा कि वनों में आग की घटनाओं में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को घास की अधिक पैदावार के उद्देश्य से वनों को नहीं जलाना चाहिए। 
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ऐसा करना हरे भरे प्रदेश को बर्बाद करने जैसा है। इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचता है। सामुदायिक भागीदारी तथा जागरूकता अभियानों से आग की घटनाओं पर रोक लग सकती है। 

त्वरित वन अग्निशमन बल में इतने सदस्य शामिल

उन्होंने कहा कि त्वरित वन अग्निशमन बल में 1900 स्वयंसेवी बतौर सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए पैदल एवं साइकिल रैलियां, चैट शो, नुक्कड़ नाटकों, पेंटिंग व नारा लेखन तथा प्रदर्शनियां करवाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अभियान की मुख्य विशेषताओं की नियमावली का भी विमोचन किया। विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी सहित कई विधायक, प्रधान मुख्य अरण्यपाल जीएस गोराया भी मौजूद रहे।

इससे पहले वन विभाग ने सुबह शिमला के रिज मैदान में दौड़ का आयोजन किया। इसमें विभिन्न स्कूलों, वन अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों ने भाग लिया। वन मंत्री ने दौड़ को हरी झंडी दिखाई। 

27 मार्च तक चलेगा जागरूकता अभियान

वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि जागरूकता अभियान 16 से 27 मार्च तक दो रूटों पर एक साथ चलाया जाएगा। इसमें पहला रूट कांगू, सुकेत, जयदेवी, जरी, पतलीकूहल, उरला, जोगिंद्रनगर, लडभड़ोल, बैजनाथ, द्रोह, गोपालपुर, चुवाड़ी, चंबा, डलहौजी, देहरा तक रहेगा।

दूसरा रूट निरमंड, रामपुर, सुन्नी, अर्की, अघर, बिजड, बंगाणा, अंब, रामशहर, नालागढ़, त्रिलोकपुर, कोलर, पांवटा, माजरा, कफोटा, नाहन, जामटा, धर्मपुर और सोलन तक रहेगा। अभियान के दौरान दोनों वाहन जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के सभी 11 जिलों में जागरूकता उत्पन्न करेंगे।
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केंद्र को आईपीएच ही भेजता है कृषि सिंचाई योजना की डीपीआर 

 कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत केवल सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ही अपने कार्यों की डीपीआर केंद्र को भेजता है। अन्य विभाग अपने कार्यों की वार्षिक कार्य योजना केंद्र सरकार को अनुमोदन के लिए भेजते हैं।

वास्तव में परियोजनाओं की डीपीआर केंद्र सरकार से धनराशि प्राप्त करने के बाद ही बनाई जाती है। मारकंडा ने यह जानकारी नगरोटा के विधायक अरुण कुमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।

उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग को वर्ष 2015-16 में 3.23 लाख, वर्ष 2016-17 में 13.50 लाख, कृषि के लिए वर्ष 2015-16 में शून्य जबकि 2016-17 में 285.46 लाख और ग्रामीण विकास 2015-16 वर्ष में 1166.62 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। 
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