फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यटन को बढ़ाने के लिए पैसा वहां खर्चेंगे, जहां जरूरी होगा : जयराम ठाकुर

Thu, 30 Aug 2018 10:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पैसा वहीं खर्च किया जाएगा, जहां जरूरी होगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को विकसित करना है तो इसके लिए महज सरकारी ढांचे पर ही निर्भर नहीं रहना होगा।

विज्ञापन


ये सब डब्बे में बंद रहकर नहीं हो सकता। विपक्ष इसमेें सहयोग करे। जयराम ने बुधवार को सदन में पर्यटन नीति पर चर्चा पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार हिमाचल के लिए एडीबी के सहयोग से 1812 करोड़ रुपये का इतना बड़ा प्रोजेक्ट आया है। आज तक इससे बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया।

मनाली और रोहतांग के बीच ज्वॉय राइड जैसी परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी। प्रदेश में सबसे बड़ा हवाई अड्डा मंडी में बनाया जा रहा है, जहां बड़े प्लेन उतरेंगे। यही प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी को भी दुरुस्त करेगा। बगैर कनेक्टिविटी के पर्यटन को बढ़ावा देना संभव नहीं है।  

विज्ञापन

हिमाचल आना चाहते हैं पर्यटक, सुविधाएं नहीं 

जयराम ने कहा कि कश्मीर के डिस्टर्ब होने के बाद पर्यटक हिमाचल आना चाहते हैं। उन्हें हिमाचल अच्छा लगता है, मगर उनके लिए उचित इंतजाम नहीं हैं। राज्य में जितना काम होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया है।

छोटे-छोटे प्रदेश आगे निकल जाएं। यह आंखें खोलने वाली बात है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें सिक्किम से सीख लेने की बात की। हमेें नए डेस्टिनेशन ढूंढने होंगे। धार्मिक पर्यटन को भी विकसित किया जाएगा। चांसल, बीड़ बिलिंग और जंजैहली में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाए जा रहे हैं। 

उत्तराखंड की तर्ज पर चलेंगी हेली टैक्सियां 

सीएम बोले - उत्तराखंड से सीख लेकर हिमाचल में हेली टैक्सी सेवा शुरू की जा रही है। वहां केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए 15-20 हेली टैक्सियां चलती हैं। मेरा हेलीकॉप्टर जब मुझे लेकर नहीं जा रहा होता था तो धूप सेंकता था।

मैंने इसे हेली टैक्सी के लिए शुरू किया। इसके बाद हमने हेली टैक्सी के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। अब बाहरी कंपनियां भी इस सेवा में दिलचस्पी लेने लगी हैं। नियम - 130 के तहत विधायक होशियार सिंह, राकेश पठानिया, नरेंद्र बरागटा, सुरेश कश्यप और बलवीर वर्मा ने सोमवार को पर्यटन नीति पर विचार करने का मामला उठाया।

इस पर सदन में 18 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नई दिल्ली जाने के कारण इस मसले पर उनका जवाब नहीं आ पाया था। बुधवार को सीएम ने नई दिल्ली से लौटकर सदन में प्रश्नकाल के बाद अपना जवाब दिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने करीब एक घंटा खड़े होकर इस मुद्दे पर उत्तर दिया। 

छात्रवृत्ति मामले की सीबीआई से जांच कराएगी सरकार: भारद्वाज

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बुधवार को प्रश्नकाल के बाद सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि प्रदेश में छात्रवृत्ति मामले की जांच सरकार सीबीआई से कराएगी। इस मामले की गंभीरता को देखते सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच करना जरूरी समझा।

इस मामले में दस साल पुरानी शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि इस साल भी पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति मामले की छानबीन की गई तो इस संबंध में कई अनियमितताएं पाई गई हैं।

छात्रवृत्ति के संबंध में शिकायतें भी मिली। खामियों को दोहराया जाता रहा। इस संबंध में आडिट आपत्तियां भी जताई और इनका निपटारा तक नहीं किया गया।

इसके  लिए बने संबंधित पोर्टल को सक्षम अधिकारी के बिना खोला गया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराना अनिवार्य हो गया है। इस मामले को अब जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया जाएगा। 

दोबारा उठाएंगे धर्मशाला में हाईकोर्ट की बेंच का मामला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार धर्मशाला में हाईकोर्ट की बेंच का मामला दोबारा उठाएगी। केंद्र को मामला भेजने से पहले हाईकोर्ट से चर्चा की जाएगी ताकि इसे सिरे लगाया जा सके।

पूर्व सरकारों के बेंच बनाने का मामला सिरे नहीं लगा था और कानून में प्रावधान के अनुसार ही हिमाचल हाईकोर्ट बना था। धर्मशाला में बेंच बनाने से पहले कानून में संशोधन जरूरी है और यह सिर्फ केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है।

उस समय केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बेंच बनाने के संबंध में प्रस्ताव पर विचार करने को भेजा था और इसे मंजूर नहीं किया गया। विधायक राकेश पठानिया ने नियम 63 के तहत मामला उठाते हुए कहा कि धर्मशाला में हाईकोर्ट की बेंच बनाई जाती है तो इससे 2100 वकीलों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

हाईकोर्ट के 75 फीसदी केसों को धर्मशाला बेंच को भेजा जा सकेगा

इसके अलावा हाईकोर्ट के 75 फीसदी केसों को धर्मशाला बेंच को भेजा जा सकेगा। धर्मशाला में बेंच बनाने से कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, चंबा  जिलों के लोगों को घर के पास न्याय मिल सकेगा। शिमला में लोगों को पार्किंग और ठहरने की समस्या रहती है।

विधायक होशयार सिंह ने कहा कि 25 साल से यह मामला लंबित है। सरकार को चाहिए कि हर जिले में प्रशासनिक प्राधिकरण की बेंचें भी खोली जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों में प्रावधान नहीं है कि धर्मशाला में हाईकोर्ट की बेंच खोली जा सके।

इन नियमों में संशोधन के लिए केंद्र सरकार ही सक्षम है। हाईकोर्ट ने धर्मशाला में बेंच बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया और इस संबंध में केंद्र सरकार को 2013 में अवगत करा दिया था।

इसलिए अब पहले हाईकोर्ट से विचार करके वस्तुस्थिति रखी जाएगी और फिर धर्मशाला में हाईकोर्ट की बेंच बनाने का मामला नए सिरे से केंद्र को भेजेंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें