लेकिन ईमानदार और स्पष्टवादी छवि के नेता ठाकुर कर्म सिंह ने डॉ. वाईएस परमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित कर दिया। उस वक्त डॉ. वाईएस परमार हिमाचल के मुख्यमंत्री बने जबकि ठाकुर कर्म सिंह को पहला वित्तमंत्री मनोनीत किया गया।
1963 में हिमाचल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार सामने बैठे थे और वित्त मंत्री ठाकुर कर्म सिंह ने उनके समक्ष हिमाचल का पहला बजट पेश किया था।
उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि जब वह स्कूल-कॉलेज में पढ़ते थे तो सिराज से ठाकुर कर्म सिंह की राजनीति से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है।
ठाकुर कर्म सिंह मंडी जिला के बल्ह क्षेत्र के पाली गांव से संबंध रखते थे। उन्होंने अपना फार्म हाउस कमरूघाटी के कुटाहची गांव में बनाया था, जहां उन्होंने अपना अंतिम समय बिताया।