अफसरों की मेज पर फाइलें पड़ी रहने पर लोग शिकायत लेकर सीएम कार्यालय पहुंच जाते थे। कई बार तो फाइलें खोजबीन के बाद भी नहीं मिलती थीं। ऐसी स्थिति में लोगों को दोबारा से तमाम औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ रहा है। इसके चलते सरकार ने यह व्यवस्था की है।
जब भी मंत्री कार्यालय से डीओ नोट जारी होगा, मंत्री कार्यालय में उसकी एंट्री होगी। उसके बाद इसकी फाइल बनेगी। यह फाइल जब सीएम कार्यालय जाएगी तो वहां पर भी इसकी एंट्री होगी। सीएम कार्यालय से मंजूरी के बाद फाइल संबंधित विभाग की शाखा में जाएगी। अफसरों के पास फाइल पहुंचने पर भी शाखा में इसकी एंट्री होगी।