मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदान के बाद रिजल्ट के बीच सवा महीने का समय था। इस बीच सरकार बनने के लिए जोड़तोड़ करते रहे। यकीन था कि जीतेंगे जरूर और अब की बार सरकार बनाने में सबसे बड़ी भागीदारी मंडी की होगी। हुआ भी वही।
कांग्रेस यहां खाता भी नहीं खोल पाई। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार धूमल के न जीत पाने का उन्हें व्यक्तिगत तौर पर दुख है। इसी बीच सीएम बनने की अटकलों का दौर चला। कौन सीएम की दौड़ में आगे है कौन पीछे, इस सब पर उनका फोकस नहीं था।
उन्हें इतना यकीन था कि कांगड़ा, शिमला और हमीरपुर से सीएम बन चुके हैं। अब बारी मंडी की है। लिहाजा मंडी को जिम्मेवारी मिल सकती है।
उन्होंने जनता से आग्रह किया कि हर पांच साल में सरकार बदलने का क्रम त्यागें। पांच साल एक सरकार तो पांच साल दूसरी सरकार के बजाय लंबे समय तक एक ही सरकार चुनें, ताकि प्रदेश के विकास को गति मिल सके।
ठाकुर जयराम ने कहा कि सुंदरनगर में चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कई संकेत दिए जो वह समझ नहीं पाए।
मंडी में रैली के दौरान पीएम ने उन्हें नजदीक आकर खड़े होने को कहा था तो थुनाग में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बोले थे, जयराम ठाकुर को पांचवी बार विधानसभा भेजो, यह बहुत बड़े आदमी बनेंगे।
सीएम बनने के बाद जब वह अमित शाह से मिले तो उन्होंने कहा कि मेरी जुबान से ऐसे ही निकल गया था और तुम बड़े आदमी बन भी गए।