सीएम जयराम ने बैठक की अध्यक्षता की।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल में सड़कों और पुलों से संबंधित योजनाएं धरातल पर नहीं उतरीं तो अफसरों को निलंबित किया जाएगा। कई दिनों से विपक्ष आरोप लगा रहा है कि अफसरशाही मनमानी कर रही है और यह सीएम के नियंत्रण में नहीं है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए। गुस्साए मुख्यमंत्री ने लापरवाह अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के लिए चेताया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को भी राज्य में प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं का रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्चमार्गों के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सभी गड्ढों को तीन नवंबर तक भरने को कहा। सीएम ने कहा कि अब सिर्फ बातों से ही काम नहीं चलेगा। विभाग को मुख्यमंत्री की घोषणाओं और जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन के कार्य के आवंटन में देरी पर भी चिंता जताई।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को कार्य के आवंटन की अवधि को कम करने की प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समर्पित मानव संसाधन की तैनाती के लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है। यह मंडल, जिला और उपमंडल स्तर पर जरूरत पड़ने पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित करेगा। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने कहा कि विभाग वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ काम करेगा। इंजीनियर-इन-चीफ लोक निर्माण विभाग भुवन शर्मा ने विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।