जुन्गा (शिमला)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला करेवड़ीधार में विद्यार्थियों को रेबीज के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। इसकी जानकारी डॉ. जय पाल ने दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई जानवर काट ले या खरोंच मार दे तो प्रभावित स्थान को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होंने बताया कि रेबीज एक गंभीर विषाणुजनित बीमारी है। यह संक्रमित कुत्ते या अन्य स्तनधारी पशुओं के काटने अथवा उनकी लार के घाव, आंखों या मुंह के संपर्क में आने से फैल सकती है। इस बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।