अर्बन चैलेंज फंड के तहत नगर निगम ने वार्डों में बनी कई छोटी स्टील पार्किंग को अपग्रेड करने का तैयार किया है प्रस्ताव
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बैठक में तैयार की अंतिम रिपोर्ट, आज से फील्ड में जाएगी टीम अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की कई छोटी पार्किंग अब हाईटेक बनेंगी। अर्बन चैलेंज फंड के तहत नगर निगम वार्डों में बनी अपनी कई पुरानी स्टील पार्किंग को अपग्रेड कर हाइड्रोलिक पार्किंग में बदलने जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को योजना शाखा और भवन एवं सड़क निर्माण शाखा के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया। नगर निगम की टीम वीरवार को पार्किंग का निरीक्षण करेगी। बैठक में सभी 34 वार्डों की रिपोर्ट तैयार की गई। इनमें हाइड्रोलिक पार्किंग के निर्माण के लिए जगह चिह्नित की गई है। कई वार्डों में पुरानी स्टील पार्किंग को ही हाइड्रोलिक पार्किंग में बदलने का प्रस्ताव है। शहर के कई वार्डों में 10 से 15 वाहनों की क्षमता वाली स्टील पार्किंग बनी हुई हैं। अब नगर निगम इन्हें हाइड्रोलिक पार्किंग में बदलेगा। इससे इनकी पार्किंग क्षमता दो से तीन गुना तक बढ़ जाएगी। हाइड्रोलिक एक आधुनिक मैकेनिकल सिस्टम है जो हाइड्रोलिक तकनीक (तेल के दबाव) की मदद से कारों को लंबवत (वर्टिकल) ऊपर या नीचे उठाता है। इसकी मदद से कम जगह में एक कार की जगह दो या उससे अधिक कारें पार्क की जा सकती हैं।
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नगर निगम के अनुसार, अर्बन चैलेंज फंड के तहत शिमला शहर के सभी 34 वार्डों में हाइड्रोलिक पार्किंग तैयार की जाएंगी। इस फंड के तहत केंद्र से सबसे पहले इसी योजना को लागू करने के लिए बजट मिलने की उम्मीद है। अगले सप्ताह केंद्र की एक टीम भी शिमला दौरे पर आ सकती है। इस दौरान नगर निगम की ओर से टीम को चिह्नित की गई जगहें दिखाई जाएंगी, ताकि निर्माण के लिए जल्द बजट मिल सके।
कम जगह में खड़े हो सकेंगे ज्यादा वाहन
हाइड्रोलिक पार्किंग का निर्माण महंगा है, लेकिन इसकी खासियत यह है कि कम जगह में ही दर्जनों वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जा सकती है। नगर निगम पहली बार शहर में इस तरह की पार्किंग का निर्माण करवाएगा। अभी शिमला में शहरी विकास विभाग ने पहली हाइड्रोलिक पार्किंग तैयार करवाई है। इसमें लिफ्टनुमा रैंप के जरिये गाड़ियों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचाया जाता है। बहुमंजिला पार्किंग में प्रत्येक मंजिल तक पहुंचने के लिए अलग सड़क की जरूरत नहीं होती। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि हाइड्रोलिक पार्किंग के निर्माण के लिए वार्डों में जगह चिह्नित कर ली है।
हाइड्रोलिक में बदलने का प्रस्ताव शहर में कई स्टील पार्किंग बनी हुई हैं। नगर निगम ने इन्हें हाइड्रोलिक पार्किंग में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे पार्किंग क्षमता बढ़ेगी। उम्मीद है कि केंद्र सरकार से जल्द ही इनके निर्माण के लिए बजट जारी होगा। -सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला