हिमाचल में अब कारोबारी बिना पंजीकरण सिगरेट-बीड़ी के पैकेट नहीं बेच सकेंगे। इसके लिए कारोबारियों को अनुमति लेनी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अनुमति पंचायत सचिव व कार्यकारी अधिकारी, शहरी स्थानीय निकायों में यह अनुमति आयुक्त देंगे।
सरकार ने इन उत्पादों को बेचने के लिए 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। प्रदेश सरकार ने इस बारे में सभी निकायों, पुलिस प्रशासन, अस्पताल प्रशासन, ग्रामीण विकास विभाग को आदेश जारी किए हैं। कारोबारियों को 6 महीने के भीतर आवेदन करना होगा।
इसके बाद कारोबारियों को प्रमाण पत्र जारी होगा। इसकी वैधता 3 साल के लिए होगी। यदि किसी कारोबारी का पंजीकरण प्रमाण पत्र गुम हो जाता है तो उसे 100 रुपये के साथ यह प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
यदि कारोबारी जानबूझकर अपना अपने पंजीकरण का प्रमाण पत्र रिन्यू नहीं करता है तो उन्हें 200 रुपये अतिरिक्त राशि देनी पड़ेगी। हालांकि, हिमाचल में खुली सिगरेट बेचने पर पहले से ही प्रतिबंध है, अब सिगरेट के पैकेट बेचने के लिए भी उन्हें अनुमति लेना जरूरी होगा।
यदि कोई कारोबारी बिना पंजीकरण के यह उत्पाद बेचता हुआ पाया जाता है तो प्रदेश सरकार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने इस बारे में डीसी, पुलिस अधीक्षक, स्कूल प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, खंड विकास अधिकारी को पत्र जारी किया है।