देवता के गूर सेस राम का कहना है कि जिन माता-पिता के संतान नहीं होती है। उनकी मनोकामना देव चुंजवाला अपने जगराते में आकर पूरी करते हैं। इसका प्रमाण आज भी पूरे सराज घाटी में है। उन्होंने बताया है कि देवता का जगराता हर साल 15 और 16 मई को होता है। इस जगराते में हजारों श्रद्धालु शिरकत करते हैं।
देवता का इतिहास बताना नियमों के खिलाफ
देवता के कारदार बुधे राम ने बताया कि देवता का इतिहास बताना नियमों के खिलाफ है। देवता के सख्त आदेश हैं कि किसी को भी इतिहास नहीं बताया जाए। उन्होंने बताया है कि लंबे समय से देवता के आदेशों का पालन कर रहे हैं। इसलिए नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं।