पुलिस के मुताबिक शिमला शहर में यह नशा तस्करी का नेटवर्क पिछले एक साल से अधिक समय में चल रहा था। शिमला पुलिस ने विशेष अभियान के तहत इस बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सप्लायर को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले तीन महीनों में इस नेटवर्क के जरिये 1.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
पुलिस के मुताबिक मामला पुलिस पिछले दिनों थाना बालूगंज में चिट्टा तस्करी का मामला सामने आया। इसमें पुलिस ने अविनाश चौहान के कब्जे से सात ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने विशाल यादव और उसके भाई जय प्रकाश यादव निवासी भोजपुर (बिहार) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच, डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर रवि अहिरवार (21) निवासी छतरपुर (मध्य प्रदेश), वर्तमान निवासी बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) को गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेशकर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जांच में पता चला है कि रवि अहिरवार वर्ष 2025 से मोहाली क्षेत्र में रह रहा था और हिमाचल में चिट्टा की अवैध तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया है कि रवि को इस काम के लिए नशे की कीमत के हिसाब से 10 से 30 फीसदी तक कमीशन मिलता था। एक साल में वह करीब 50 बार शिमला आकर नशे की डिलीवरी कर चुका है। पुलिस ने जब मुख्य सरगना विशाल यादव के मोबाइल की पड़ताल की तो इस गिरोह के लोकेशन बेस्ड नेटवर्क का पता चला। पुलिस को मुख्य आरोपी विशाल यादव के मोबाइल में ऐसे कई वीडियो मिले हैं जिसमें नशे को झाड़ियों और आसपास के सुनसान जगहों पर छिपाकर रखा है। पुलिस को शक है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह में कई और लोग संलिप्त हो सकते हैं जिनकी पहचान करने के लिए मामले के हर पहलू की छानबीन कर रही है।