शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में शनिवार को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चिट्टे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव के मार्गदर्शन और डॉ. अमित सचदेवा की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम के दौरान नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला गया। डॉ. राहुल राव ने कहा कि चिट्टा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रमाण आधारित जानकारी के माध्यम से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इस अवसर पर आईजीएमसी के 40 नर्सिंग छात्र-छात्राओं, अस्पताल की प्रशासनिक टीम, अन्य कर्मचारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर आईजीएमसी के 40 नर्सिंग छात्र-छात्राओं, अस्पताल की प्रशासनिक टीम, अन्य कर्मचारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। संवाद