पंजाब से शिमला समेत प्रदेश के कई जिलों में चल रहे चिट्टा तस्कर गिरोह के बैंक खातों से खुलासा
मुख्य सरगना की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दे रहीं दबिश, तीन लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पंजाब से राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई जिलों में चल रहे चिट्टा तस्करी के नेटवर्क में पुलिस को जांच के दौरान तीन महीने में ही 40 लाख रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। मामले में अभी तक गिरफ्तार आरोपियों के सरगना के साथ बैंक खातों के जरिये हुए लेनदेन से यह खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह पंजाब से हमीरपुर, कांगड़ा, बिलासपुर समेत अन्य जिलों से होकर शिमला तक चिट्टे की तस्करी करता था। गिरोह में कई और युवा शामिल हैं, जिनकी पुलिस पहचान करने की कोशिश कर रही है। मामला उस समय सामने आया, जब पुलिस ने सूचना के आधार पर न्यू शिमला के रहने वाले मोती शर्मा को 23.720 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो पता चला कि वह लंबे समय से पंजाब से हिमाचल के कई जिलों में चिट्टा सप्लाई करने का काम करता था और उसने हमीरपुर में चिट्टे की सप्लाई दी है। शिमला पुलिस ने फौरन इसकी सूचना हमीरपुर पुलिस को दी और वहां संजीव को 130 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस को गिरोह का जम्मू के अखनूर से कनेक्शन सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपी मोती शर्मा जम्मू-कश्मीर में किसी शर्मा नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर चिट्टा तस्करी का कारोबार चला रहा था। यह गिरोह पंजाब के अमृतसर से चिट्टा लाकर बेचता था। इसी मुख्य सरगना के कहने पर वह शिमला और हमीरपुर समेत कई स्थानों पर चिट्टे का नशा पहुंचाता था। चिट्टा बेचकर पैसा बैंक से जम्मू-कश्मीर की महिला के खाते में ट्रांसफर करवाता था। साथ ही कैश में भी पेमेंट करता था। बैंक का रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस की टीम अखनूर रवाना हुई और वहां से स्थानीय पुलिस की मदद से महिला और उसके बेटे को हिरासत में लिया। छानबीन में पता चला कि आरोपी राहुल शर्मा अपनी मां के खाते से नशे की रकम को इधर-उधर करता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने मौसा अशोक उर्फ शर्मा उर्फ बिल्ला के साथ इस नशा तस्करी के अवैध कारोबार को चलाता था। छानबीन में पाया गया कि 1 जनवरी से 14 अप्रैल 2025 तक उपरोक्त के खाते में करीब 7, 26,350 रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है। इसमें से 6,63,016 रुपये की निकासी की गई है। पुलिस ने महिला का बयान न्यायालय में कलमबद्ध करवाकर राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस अशोक खजुरिया की तलाश कर रही है। एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि तीन महीने में ही 40 लाख रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। मामले में सरगना समेत तस्करी में जुड़े कई और लोगों की जल्द गिरफ्तारी होगी।