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'खतरा बना चीन, पूरा हिमालय हड़पने की साजिश'

Sun, 21 Aug 2016 02:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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इंद्रेश ने कहा कि चीन अपनी साम्राज्यवाद नीति के तहत पूरे हिमालय को हड़पना चाहता है। - फोटो : अमर उजाला
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भारत-तिब्बत मैत्री संघ के संयोजक एवं आरएसएस के कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि हम चीन से नफरत नहीं करते हैं लेकिन उसकी विस्तारवादी नीति और गुलाम बनाने की प्रवृत्ति दुनिया के लिए खतरा है।
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ऐसे में भारत सहित पूरे विश्व को चीन की इस नीति से सजग रहने की जरूरत है। धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि तिब्बत कभी चीन का हिस्सा नहीं था। चीन की दमनकारी नीतियों के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई।

तिब्बत चीन की साम्राज्यवादी नीतियों के कारण गुलाम हो गया। चीन से मांग की गई है कि वह निर्वासित तिब्बती सरकार को स्वीकार करे और बातचीत शुरू करे। उन्होंने कहा कि तिब्बत को स्वायत्तता और आजादी दिलाना धर्मगुरु दलाईलामा का सपना है।
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पूरा हिमालय कब्जाने की साजिश रच रहा है चीन

इंद्रेश ने कहा कि चीन अपनी साम्राज्यवाद नीति के तहत पूरे हिमालय को हड़पना चाहता है। यही कारण है कि हिमालय क्षेत्र में चीन ने भारत के वार्षिक बजट से अधिक खर्च कर दिया है। चीन ने बार्डर पर लंबी सड़क, सेना, एयरफोर्स, शस्त्रों के डिपू और मिसाइल अटैक बेस बना रखे हैं।

कैलाश मानसरोवर कभी चीन का नहीं था, इसके कोई प्रमाण नहीं है। बलूचिस्तान को भारत का हिस्सा बताकर पीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आतंकवाद सहन नहीं होगा। इस दौरान निर्वासित तिब्बती संसद के डिप्टी स्पीकर आचार्य येशी फुंचोक, आरएसएस के प्रदेश पदाधिकारी और हिमालय परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।
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