किन्नौर के लिए एनएच-पांच शिमला से नारकंडा होकर किन्नौर तक जाता है। इसी तरह एनएच-505 भी दोनों ही जिलाें किन्नौर और लाहौल-स्पीति से होकर जाता है। मंत्रालय के अवर सचिव उमराव मीणा ने इस संबंध में नेशनल हाईवे अथाॅरिटी के अध्यक्ष, सभी राज्यों के प्रधान सचिवों, सचिवों, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंताओं और मुख्य अभियंताओं को इस संबंध में पत्र भेजे हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के नेशनल हाईवे पर इस व्यवस्था को देखने के लिए कहा गया है।
मंजूर करवाए गए नक्शे के तहत करना होगा निर्माण
मंत्रालय ने फ्यूल स्टेशन, सड़क किनारे की स्थापनाओं, संपर्क सड़कों, अन्य संपत्तियों आदि से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए नियम निर्धारित किए हैं। इसमें अधिक स्पष्ट किया गया है कि तेल, गैस कंपनी और संपत्ति के मालिक फ्यूल स्टेशन या निजी संपत्ति का निर्माण मंजूर करवाए गए नक्शे के अनुसार अपनी लागत पर 12 महीनों के निर्धारित समय में कर पाएंगे।