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बिलासपुर: बड़गांव स्कूल के खस्ताहाल भवन में पढ़ाई कर रहे बच्चे, अनदेखी से सरकारी संपत्ति हो रही बर्बाद

Mon, 18 Aug 2025 12:52 PM IST
Krishan Singh मंगल ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, बरठीं (बिलासपुर)।

सार

स्कूल में वर्ष 2014 में हिमुडा द्वारा दो मंजिला भवन और वर्ष 2019 में लोक निर्माण विभाग द्वारा भी दो मंजिला नया भवन बना दिया गया था।
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बड़गांव स्कूल का खस्ताहाल भवन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़गांव के बच्चे आज भी जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। लगभग 30 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बने चार कमरों का यह भवन अब खंडहर का रूप ले चुका है। दीवारों में दरारें, उखड़ा हुआ प्लास्टर, सीलन और बरसात का टपकता पानी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन गया है। स्कूल में वर्ष 2014 में हिमुडा द्वारा दो मंजिला भवन और वर्ष 2019 में लोक निर्माण विभाग द्वारा भी दो मंजिला नया भवन बना दिया गया था। स्कूल में पूरे बच्चों की संख्या 200 के करीब है। आठवीं के बाद की कक्षाएं नए भवन में चलती हैं। 

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30 साल पुराना भवन भी इस्तेमाल में है। इसका एक कमरा पूरी तरह असुरक्षित हो गया है, जिसे स्टोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। शेष तीन कमरों में 6वीं से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाया जाता है।  अभिभावकों ने चिंता जताई है कि जब दीवारों में इतनी दरारें पड़ चुकी हैं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्कूल प्रबंधन ने इस भवन को असुरक्षित घोषित करने और गिराने की मांग पहले भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेजे गए पत्र के माध्यम से की थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी से लाखों रुपये की यह सरकारी संपत्ति बर्बाद हो रही है। यदि समय रहते भवन को असुरक्षित घोषित कर गिरा दिया जाए और उसकी जगह नया ब्लॉक बनाया जाए तो बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सकता है। प्रधानाचार्य होशियार सिंह जस्सल और एसएमसी प्रधान निशा चंदेल ने बताया कि भवन के असुरक्षित हिस्से को गिराने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा गया है। 

स्कूल प्रबंधन की तरफ से जो पत्र पहुंचा था उसे आगामी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। जैसे ही कोई दिशा निर्देश मिलेंगे, आगे की कार्रवाई होगी।-रेणू कौशल, उप निदेशक उच्च शिक्षा बिलासपुर

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