डीडीयू अस्पताल के शिशु रोग ओपीडी के बाहर पीड़ितों की लग रही लंबी कतारें, कुछ बच्चों किया भर्ती
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लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सक की लें सलाह आदित्य सोफत
शिमला। राजधानी में दूषित पानी के सेवन से बच्चे हेपेटाइटिस ए और सी की चपेट में आ रहे हैं। इन बच्चों को ठीक होने में भी पूरा सप्ताह लग रहा है। दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में 20 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे हैं। इनमें से कुछ की हालत अधिक खराब है जिन्हें वार्ड में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। वहीं कई पीड़ितों को दवाइयां देकर आराम करने की सलाह दी जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार दूषित पानी और भोजन के सेवन से सीधा असर लीवर पर पड़ रहा है। इसके बाद बच्चों को उल्टियां और बुखार हो रहा है। ऐसे में बच्चों पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा है। साथ ही लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाने का भी आग्रह किया है। हेपेटाइटिस ए और सी से बच्चों के पीड़ित होने के कारण अभिभावक भी परेशान हो गए हैं। वहीं डीडीयू जोनल अस्पताल में शिशु रोग ओपीडी के बाहर लंबी कतारें लग रहीं। इसके अलावा जिले के अन्य अस्पतालों में भी दो से तीन मामले रोजाना आ रहे हैं। हालांकि, अभी कलस्टर नहीं बन रहा है। फिर भी अभिभावकों से जानकारी ली जा रही है।
बुखार भूख कम लगना उल्टी होना आंखों में पीलापन कमजारी आना/थकान होना पेट के दाहिने हिस्से में दर्द त्वचा में बार-बार खुजली
इनसेट वायरल के गंभीर लक्षण बेहोशी होना बार-बार और खून की उल्टी आना पेट में सूजन सांस फूलना
कैसे करें बचाव उबाल कर पानी का सेवन करें। हाथ को बार-बार धोते रहे। भोजन को ढककर रखे। जंकफूड खाने से बचे।
इनसेट हेपेटाइटिस ए और सी से पीड़ित होकर बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन्हें उपचार दिया जा रहा है। हेपेटाइटिस ए और सी का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन और गलत खानपान है। बच्चों को इससे बचाना चाहिए और साफ और स्वच्छ पानी पिलाना चाहिए। अभिभावकों को विशेष ध्यान बच्चों पर रखना चाहिए। -डॉ. अंकुर धर्माणी, शिशु रोग विशेषज्ञ, डीडीयू जोनल अस्पताल शिमला