शिमला। शिमला में शुक्रवार को स्कूली बच्चों के अपहरण की अफवाहों से अभिभावक सहम गए। सोशल मीडिया पर चल रही इन अफवाहों से अभिभावक स्कूलों में पहुंच गए और अपने बच्चों के बारे में जानकारी ली। स्कूलों में फोन घनघनाने लगे। कई स्कूल प्रबंधकों ने अभिभावकों को चेताया कि बच्चों को अकेले स्कूल न भेजें। इन्हें साथ लेकर आएं और साथ लेकर जाएं। हालांकि, शिमला शहर के कई निजी स्कूल छोटे बच्चों को अभिभावकों के साथ ही भेजते हैं लेकिन अब बड़ी कक्षाओं के छात्रों के अभिभावकों को भी स्कूल आने के लिए कहा गया है। हालांकि, इस तरह की किसी सूचना से पुलिस महकमा साफ इंकार कर रहा है और सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
वीरवार को धामी में एक संदिग्ध को कुछ स्थानीय युवकों ने पकड़ लिया। वह किसी घर में खिड़की से ताक झांक कर रहा था। जब उससे पूछा गया कि वह कौन है और यहां क्या रहा है तो वह जिस भाषा में बात कर रहा था, वह किसी की समझ में नहीं आ रहा था। किसी ने उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो बनाने वाले उससे सवाल कर रहे हैं कि अब तक कितने बच्चे पकड़े? कोई कह रहा है हिंदी में बात कर ..क्योंकि उसकी भाषा किसी को समझ नहीं आ रही। इसके बाद इसे पुलिस चौकी धामी के सपुर्द कर दिया गया। इसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि यह कर्नाटक से है। इसके पास से किसी तरह की संदिग्ध चीजें मिलने से भी पुलिस इंकार कर रही है। पुलिस छानबीन कर रही है कि यह कहां से आया और यहां आने का उसका क्या उद्देश्य था? हालांकि, इसके बाद पुलिस ने मौके से लोगों के बयान लिए और तफ्तीश की कि कहीं कोई बच्चा तो गुम नहीं हुआ है लेकिन ऐसी कोई भी शिकायत पुलिस को नहीं मिली है।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी एफआईआर : एसपी
एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि स्कूली बच्चों के अपहरण की सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। शिमला में स्कूली बच्चे के अपहरण की कोई सूचना और शिकायत नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे ऐसी अफवाह फैलाने वालों की सूचना पुलिस को दें।