मंडी। बल्ह क्षेत्र में चाइल्ड लाइन की टीम ने समय पर पहुंचकर एक नाबालिग की शादी रुकवा दी है। जमा दो में पढ़ने वाली नााबालिग का टीम ने रेस्क्यू कर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति ने नाबालिग को वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर पर बल्ह क्षेत्र की एक पंचायत में नाबालिग का विवाह करवाने की शिकायत पहुंची। शिकायतकर्ता ने बताया कि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर नाबालिग के विवाह की तारीख निर्धारित की गई है। चाइल्ड लाइन की टीम ने बाल संरक्षण अधिकारी, सीडीपीओ, पुलिस तथा स्थानीय पंचायत प्रधान को सूचित कर मंगलवार को नाबालिग के घर में दबिश दी।
नाबालिग की आयु की जानकारी प्राप्त करने पर उसकी आयु 17 साल पाई गई। मां-बाप में अनबन के कारण दोनों अलग-अलग रहते हैं। नाबालिग अपने पिता के साथ ही रहती है। चाइल्ड लाइन की टीम ने परिजनों समेत नाबालिग को बाल विवाह के जुर्म तथा इसके दुष्परिणामों के बारे में बताया। नाबालिग ने संयुक्त टीम को बताया कि वह अभी विवाह नहीं करना चाहती है। परिजनों ने बताया कि वे नाबालिग का विवाह बालिग होने तथा उसकी पढ़ाई पूरी होने के बाद ही करेंगे। टीम ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, जहां पर समिति ने उसे जेल रोड स्थित वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिया है। चाइल्ड लाइन के समन्वयक अच्छर सिंह ने बताया कि परिजनों ने लिखित तौर पर बयान दिया है कि वे नाबालिग पर विवाह के लिए कोई दबाव नहीं डालेंगे।
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चाइल्ड लाइन के माध्यम से 17 साल की नाबालिगा का रेस्क्यू किया गया। नाबालिग को वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिया गया है।
-नीरज कुमार, चेयरमैन, बाल कल्याण समिति
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