हरियाणा के मुलाना इलाके के एक गांव में सिरमौर की नाबालिग विवाहिता को ससुराल पक्ष की ओर से ढहाए जा रहे अत्याचारों से मुक्ति मिल गई है। नाबालिग को बाल कल्याण समिति की टीम ने रेस्क्यू कर लिया है।
लड़की को पंचकूला स्थित बाल कल्याण आश्रम में संरक्षण दिया गया है। जल्द नाबालिग को सिरमौर लाया जाएगा। दरअसल, यह मामला बाल अधिनियम से जुड़ा है। सिरमौर के शिलाई इलाके की एक नाबालिग करीब 15 दिन पहले मेहमाननवाजी के लिए हरियाणा गई थी।
इस दौरान एक परिवार ने नाबालिग पर दबाव डालकर उसके साथ शादी रचा डाली। करीब दो दिन पहले नाबालिग के परिजनों की ओर से चाइल्ड लाइन को इस मामले की जानकारी दी गई थी। चाइल्ड लाइन ने तुरंत सीडब्ल्यूसी अंबाला को सूचित किया और टीम मौके पर पहुंची।
इसके बाद नाबालिग ने ससुराल पक्ष की ओर से उस पर किए गए अत्याचारों की कहानी भी सुनाई। मुलाना क्षेत्र में गांव गोकुलगढ़ में एक नाबालिग विवाहिता ने अपने पति पर मारपीट और शोषण करने के आरोप लगाए हैं।
रेस्क्यू करवाई गई लड़की ने टीम सदस्यों को बताया कि वह नाबालिग है। अंबाला में वह अपने रिश्तेदारों के पास आई थी। इसके बाद गोकुलगढ़ के रहने वाले एक युवक के साथ परिवार ने दबाव में आकर शादी कर दी।
लड़की का आरोप है कि उसका पति ड्राइवर है, जो शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। आखिरकार, नाबालिग को सीडब्ल्यूसी ने ससुराल की कैद से मुक्त कर दिया है। इसके बाद उसे पंचकूला बाल कल्याण आश्रम में रखा गया है।
उधर, चाइल्ड लाइन सिरमौर की विनिता ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लकड़ी को पंचकूला में रखा गया है। जल्द ही उसे सिरमौर लाया जाएगा।