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बेटे को जन्म देने वाली मां को अस्पताल ने थमाई बेटी, डीएनए से खुलासा

Sat, 10 Sep 2016 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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आखिरकार हिमाचल के एकमात्र महिला अस्पताल का कारनामा सबके सामने आ गया। डिलीवरी के बाद बेटे की जगह महिला को बेटी थमा दी गई थी। डीएनए की रिपोर्ट आने के बाद यह बात साबित हो चुकी है कि अस्पताल में कोई बड़ा खेल चल रहा है।
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पुलिस के अनुसार शिमला के केएनएच में बच्चा बदलने के मामले में अभिभावकों के दावे पर सरकारी मुहर लग गई है। फोरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चे का डीएनए मां से मैच नहीं हुआ है।

इसका मतलब सीधा है कि कमला नेहरू अस्पताल में जन्म के समय बच्चा बदल गया था। छोटा शिमला थाना में शुक्रवार को यह रिपोर्ट फोरेंसिक लैब जुन्गा की ओर से भेजी गई है। इस खुलासे के बाद कमला नेहरू अस्पताल की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है।
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पुलिस ने मामले में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। यहां रोजाना औसतन आठ से दस बच्चों का जन्म होता है। इस स्थिति में उन अभिभावकों के मन में भी शंका घिर आएगी जिन्हें कुछ महीने पहले मां-बाप बनने का सुख मिला है।

26 जुलाई को हुई डिलीवरी, ऐसे हुआ शक

मंडी निवासी अनिल की पत्नी शीतल आईजीएमसी में कार्यरत हैं। 26 मई को शीतल की डिलीवरी रात 11.10 बजे कमला नेहरू अस्पताल में हुई थी। मां को जब बच्चा सौंपा गया तो कहा गया कि बेटी पैदा हुई है।

लेकिन डिलीवरी के समय बताया गया कि बेटा हुआ है। मौके पर मौजूद अटेंडेंट को भी बेटी होने की बात बताई गई। इससे शीतल के पति अनिल ठाकुर के मन में शंका घर कर गई। दंपति ने इस शंका को दूर करने के लिए एक निजी लैब में मां और बेटी का डीएनए करवाने का फैसला लिया।

13 जून को डीएनए टेस्ट करवाया। इसकी 27 जून को रिपोर्ट आई। रिपोर्ट में मां का डीएनए बच्ची के साथ मैच नहीं हुआ। 15 जुलाई 2016 को उन्होंने दूसरी बार फिर से निजी लैब में डीएनए टेस्ट करवाया। इस रिपोर्ट में भी मां पिता से बच्ची का डीएनए मैच नहीं हुआ।
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अब पुलिस रिपोर्ट में भी चौंकाने वाला खुलासा

इस पर अनिल ने अस्पताल के एमएस से मामला उठाया। एमएस ने मामले की छानबीन को कमेटी गठित करने का भरोसा दिया। जांच कमेटी की रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली तो अनिल ने एसपी शिमला से मामला उठाया।

यहां से थाना छोटा शिमला प्रभारी को छानबीन के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में मां और बच्ची का डीएनए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। वहां से रिपोर्ट आने के बाद अब केएनएच प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

क्या कहते हैं एएसपी
एएसपी भजन देव नेगी ने कहा कि मां और बच्चे का डीएनए मैच नहीं हुआ है इसकी रिपोर्ट आ चुकी है। यह एक गंभीर मामला है। अब छानबीन की जाएगी कि उस दिन कितने बच्चे पैदा हुए और इनमें मेल कितने और फीमेल कितने थे। पुलिस हर पहलू पर जांच करेगी।
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